होली का मतलब है कि चाहे कोई भी कीमत चुकानी पड़े और झूठ कितना भी ताकतवर हो, उसका साथ नहीं देना है। हिरण्यकश्यप सिर्फ राजा ही नहीं था, प्रह्लाद का पिता भी था। प्रह्लाद ने कहा – "आप चाहे राजा हों या मेरे पिता, मैं आपका साथ नहीं दूँगा।" समाज, सत्ता, परिवार, प्रकृति, परिस्थिति कुछ भी कहे, मुझे वही करना है जो सही है; यही होली का सार है। यह त्यौहार हमें बताने के लिए रचा गया है कि अहंकार कितना भी चालाक हो जाए, परम-सत्ता से नीचे ही रहेगा।
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प्रश्नकर्ता: आचार्य जी, होली पर लोग चिकन (मुर्गा) और शराब का सेवन करते हैं, इस पर कुछ कहें क्योंकि मैं समझा-समझा कर थक गया हूँ, मेरी तो नहीं सुनते।
आचार्य प्रशांत: होली का मतलब होता है: होलिका के दहन पर मनाया जाने वाला पर्व, है न? होलिका के दहन पर और ज़्यादातर लोग होली ऐसे मनाते हैं जैसे होलिका को सम्मानित कर रहे हों।
जो कुछ होली के नाम पर होता है उसमें प्रह्लाद तो कहीं नहीं है, उसमें होलिका-ही-होलिका है। लोगों ने ये जो नाम है होली, लगता है इसका कुछ गलत अर्थ कर लिया। उन्हें लगा होली का मतलब है कि आज होलिका माता को याद करना है और उनको प्रेम से श्रद्धांजलि अर्पित करनी है, बेचारी ने अपनी शहादत दी थी आज।
होली का मतलब समझते हैं हम, क्या है? होली का मतलब है कि कोई भी कीमत देनी पड़ जाए और कितना भी ताकतवर हो झूठ, उसका साथ नहीं देना है। हिरण्यकश्यप सिर्फ़ राजा ही नहीं था, प्रह्लाद का बाप भी था। और उस छोटू ने कहा कि तुम चाहे राजा हो चाहे बाप हो मेरे, तुम्हारा साथ तो नहीं दूँगा। और वो कोई साधारण राजा नहीं था, वो वरदान प्राप्त राजा था, अगर पौराणिक कथा पर विश्वास करें तो।




