क्या हम यज्ञ जानते हैं? हम न ध्यान जानते, न यज्ञ जानते, न पूजा जानते, न पाठ जानते, न भजन जानते, न कीर्तन जानते। न हम ये जानते कि वो क्या हैं, न हम ये मानते कि हमारी समस्या क्या है, तो तुम्हारे काम क्या आएगा?
यह सारांश AI द्वारा तैयार किया गया है। इसे पूरी तरह समझने के लिए कृपया पूरा लेख पढ़ें।
Originally published in Dainik Jagran on 26 August '23
यज्ञ क्या है? हमें पता भी है यज्ञ क्या है? क्या हम यज्ञ जानते हैं? हम न ध्यान जानते, न यज्ञ जानते, न पूजा जानते, न पाठ जानते, न भजन जानते, न कीर्तन जानते। न हम ये जानते कि वो क्या हैं, न हम ये मानते कि हमारी समस्या क्या है, तो तुम्हारे काम क्या आएगा?
न आप ये जानते कि आप जिस डॉक्टर के पास जा रहे हो वो विशेषज्ञ किस चीज का है, न आप ये जानते कि आपको कौन सा रोग हुआ है, तो आपको कैसा फायदा हो जाना है, फिर आपको ये भी नहीं पता चलेगा कि जिसके पास आप गए हो, वो डॉक्टर असली है या नीम-हकीम है, यज्ञ का अगर असली अर्थ पता हो तो यज्ञ बहुत पवित्र और पावन चीज है।
लेकिन ये जो इधर-उधर पंडित घूम कर यज्ञ कराते रहते हैं, इन्हें यज्ञ का क्या पता है। इनके लिए तो यज्ञ का मतलब है लकड़ी जलाना और उसमें घी डाल दो। ऐसे आपको आध्यात्मिक लक्ष्यों की प्राप्ति होने वाली है क्या ? और आपको खुद नहीं पता होता आप क्या कर रहे हो। वो पंडित बोल देता है अब ये तीसरी उंगली आगे करो, तो आप तीसरी कर देते हो, कभी दूसरी कर देते हो, कभी कुछ कर देते हो। यही वजह है कि जगत घोर रूप से अधार्मिक होता जा रहा है।




