Independence Day: अपने मन के भीतर की इन गुलामी से मुक्ति पा लेना ही वास्तविक स्वतंत्रता है

जीवन को चुनौती दिए बिना जब स्वयं को स्वतंत्र मान लिया जाता है तो वह स्वतंत्रता नहीं, पलायन होता है। आप कितने स्वतंत्र हो, यह पता तब चलता है जब आप अपनी बेड़ियों और बंधनों को चुनौती देते हैं।
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मूलतः प्रकाशित: पत्रिका on 14 aug '25.
Independence Day Resolution: स्वतंत्रता दिवस केवल एक तिथि नहीं है बल्कि वह दिन है जब एक भारत ने विदेशी हुकूमत की बेड़ियों को तोड़कर अपने भविष्य का नियंत्रण अपने हाथों में लिया था। यह दिन हमें उन स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान की याद दिलाता है, जिन्होंने हमें यह आज़ादी दिलाई। लेकिन क्या सिर्फ़ झंडा फहराकर, मिठाइयां बांटकर और छुट्टी का आनंद लेकर हम सच्ची आज़ादी का सम्मान कर सकते हैं? यह एक गहरा सवाल है जो हमें अपने भीतर झाँकने पर मजबूर करता है।
चुनौती के बगैर खुद को स्वतंत्र मान लेना स्वतंत्रता नहीं
जीवन को चुनौती दिए बिना जब स्वयं को स्वतंत्र मान लिया जाता है तो वह स्वतंत्रता नहीं, पलायन होता है। आप कितने स्वतंत्र हो, यह पता तब चलता है जब आप अपनी बेड़ियों और बंधनों को चुनौती देते हैं। हमें सोचना चाहिए कि हम जिस आज़ादी का जश्न मना रहे हैं, क्या वह केवल बाहरी आज़ादी है? क्या हम वास्तव में भीतर से भी स्वतंत्र हैं?



