आज के समय में बच्चों में मोबाइल और गेम का एडिक्शन बढ़ता जा रहा है, जिसका मुख्य कारण खुद माता-पिता की लापरवाही और सुविधा-प्रियता है। समस्या को समझाने से नहीं, बल्कि सीधे नियंत्रित करने से हल किया जा सकता है। इसी तरह सोशल मीडिया तुलना और हीन भावना को बढ़ा रहा है। हर मानसिक समस्या का मूल समाधान आत्म-जागरूकता और सही दिशा में प्रयास है, जिसके लिए व्यक्तिगत पहल जरूरी है।
यह सारांश AI द्वारा तैयार किया गया है। इसे पूरी तरह समझने के लिए कृपया पूरा लेख पढ़ें।
प्रश्नकर्ता: नमस्कार आचार्य जी, मेरा नाम आयुष है। अभी हाल ही में गाजियाबाद में मैंने एक न्यूज़ देखा कि तीन माइनर लड़की कोरियन गेम के एडिक्शन में आकर, मतलब, वे उससे इतनी एडिक्ट हो गई थीं कि वो गेम उन्हें कंट्रोल कर था। और लास्ट में वो इस हद तक एडिक्शन में चली गईं कि लास्ट में उन्होंने सुसाइड कर लिया। तो ये बात है कि एडिक्शन आज मैं अपने घर में भी देखता हूँ। मेरे छोटे भाई-बहन हैं, वो भी अभी एडिक्शन के पहले स्टेज में हैं। उनसे अगर फोन छीन लिया जाए तो वे अलग तरीके का व्यवहार करते हैं।
तो मैं ये जानना चाहता हूँ कि ये जो एडिक्शन है, कारण तो हमें समझ में आ रहा है। मैं इसके सॉल्यूशंस पर बात करना चाहूँगा कि मैं उन छोटे बच्चों को कैसे बताऊँ कि हाँ, अब ये गलत है। तो आप इस पर मार्गदर्शन करिए। थैंक यू।
आचार्य प्रशांत:




