बच्ची कुछ ऐसा कर रही है और आपको गुस्सा आ रहा है, उसको बता दीजिए कि “बेटा, आप जो कर रहे हो, बहुत गुस्सा आ रहा है, मेरा मारने का मन हो रहा है।” बस ये बोलिए, मारिए मत। फिर उसी से पूछिए, “अच्छा बताओ, मुझे गुस्सा क्यों आ रहा है?” उनको एंगेज़ करिए न। नहीं तो एक अजीब-सी बात है, वो कुछ कर रही है, आपने थप्पड़ मार दिया, उसको समझ में भी नहीं आया कि आपने थप्पड़ क्यों मार दिया। उसको ही बताने दीजिए कि “हाँ, मैंने जो किया है, उस पर गुस्सा तो आपको आएगा।” तो अब एक ज़्यादा एंगेजिंग रिलेशनशिप बनी न।
यह सारांश AI द्वारा तैयार किया गया है। इसे पूरी तरह समझने के लिए कृपया पूरा लेख पढ़ें।
प्रश्नकर्ता: 124 जो चैप्टर है (बुक: ट्रुथ विदाउट अपॉलोजी)। उसमें जो है न, “टु रियली रेज़ अ चाइल्ड, यू मस्ट फ़र्स्ट रेज़ योरसेल्फ।” तो मेरे पैरेंटिंग के बारे में एक क्वेश्चन था। मैंने वो सुना है, मतलब बहुत देखती हूँ कि बैड पैरेंटिंग और गुड पैरेंटिंग क्या होती है। तो गुड पैरेंटिंग में वो बोलते हैं कि वो बच्चे जो होते हैं, उनको जो करना है वो करके देना चाहिए, उसी से सीखती हूँ।
मेरी दो साल की बच्ची है अभी, तो वो कभी-कभी ऐसी हरकत करती है कि मेरा हाथ उठ जाता है, बाद में मुझे वो बहुत बुरा लगता है। तो हमें उस स्टेज में क्या करना चाहिए अगर वो कुछ गलती कर रही है? आई नो दिस इज़ स्टूपिड क्वेश्चन।
आचार्य प्रशांत: नहीं-नहीं, नॉट स्टूपिड। आप बोलिए।




