आपका न्यू ईयर झूठा है। इसकी सबसे बड़ी पहचान यह है कि बाकी सब कुछ तो ओल्ड है, ईयर न्यू कैसे हो गया? कैलेंडर के पन्ने फाड़ने से न्यू ईयर कहाँ से आ गया? जब न्यू आएगा, तो सब कुछ न्यू के ही रंग में नहाएगा। ईयर भी न्यू हो जाएगा, स्माइल भी न्यू हो जाएगी, आई भी न्यू हो जाएगी; जब आप ही न्यू नहीं हुए, तो ईयर कैसे न्यू हो गया? हम नहीं बदल रहे, तो हमारी ज़िंदगी में कुछ नया बदलाव कैसे आ जाएगा? अपने पुरानेपन को त्यागना होता है, यही नए का उत्सव है।
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प्रश्नकर्ता: नमस्ते सर। सर, मेरा प्रश्न यह है कि नव वर्ष की शुरुआत कैसे करें, और इस नए वर्ष में हम गीता को अपने जीवन में निरंतर कैसे बनाए रखें? मैं जहाँ भी देखती हूँ नव वर्ष के नाम पर मुझे सिर्फ़ शोर नज़र आता है; नया तो कुछ दिखाई नहीं देता। तो ऐसे में हम नए वर्ष में नया कैसे देखें, और कहाँ देखें?
आचार्य प्रशांत: क्या पुराना है पहले तो यह पहचानना पड़ेगा न, जो इस साल के दिसंबर में भी था, मई में भी था, जून में भी था, 2024 में भी था, 23 में भी था, 22 में भी था। पहले तो वह सब पहचानना पड़ेगा न। नया अपने आप में कुछ होता नहीं है, नएपन की तलाश सबको है पर पुराने बने रहकर के। अब नया कोई वस्तु तो है नहीं कि लाकर दे दें कि ये लो नया जूता, नया चश्मा, नया चम्मच।
पुराने से ऊब जाना ही नयापन है।
2026 लग जाएगा, और उसमें आप वही पुराने व्यक्ति हो, तो बाक़ी आप नए कपड़े कर लो, नई जगह घूम आए, नई दो-चार कोई किताब पढ़ लो। कहा कि अब मैं एक नया काम करूँगा जिम जाऊँगा एक तारीख़ से, उससे कुछ होगा नहीं क्योंकि यह सब कुछ आप पहले कर चुके हो, आज़मा चुके हो दूसरे रूपों में।




