तुम और क्या करोगे, भीतर परेशान हो तो दूसरों को परेशान करोगे। ‘आई लव यू’ भी बोलते हो, तो तुम्हारी आँखों में आशा रहती है। और फिर जब वो उम्मीद पूरी नहीं करेगा, तो कहोगे: ‘हर्ट।’ जो भी बात है, उसको थोड़ा खुला रखना सीखिए। देना सीखो और लो भी तो उसी से, जो बिना उम्मीद के दे रहा हो तुमको।
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प्रश्नकर्ता: नमस्ते सर। सर, आई लव यू।
आचार्य प्रशांत: इसमें क्वेश्चन मार्क है अंत में, नहीं है?
प्रश्नकर्ता: नहीं सर, फॉर जेस्चर सर। सर, आइ हैव अ क्वेश्चन: व्हाइ डू पीपल हर्ट ईच अदर विद वर्ड्स ऐंड जेस्चर? लाइक टीचर टू स्टूडेंट्स, हज़्बैंड ऐंड वाइफ़, इन ऑफ़िस सीनियर टू जूनियर, व्हाइ डू दे हर्ट ईच अदर?
आचार्य प्रशांत: हग ईच अदर या हर्ट ईच अदर?
प्रश्नकर्ता: हर्ट ईच अदर, सर।




