चरित्र, आचरण क्या हैं? || आचार्य प्रशांत, युवाओं के संग (2014)

प्रश्न: सर, हम ‘चरित्र’ शब्द का अर्थ जानना चाहते हैं|
वक्ता: अभी! आजकल शायद मौसम ही चल रहा है चरित्र(कैरेक्टर) का|
(सभी श्रोतागण हँसते हैं)
वक्ता: अभी सप्ताह भर पहले किसी ने रात के दस बजे एस.एम.एस. पर पूछा, ‘सर कैरेक्टर, चरित्र क्या होता है?’ मैंने जवाब दिया एस.एम.एस. है, शॉर्ट मेसेज सर्विस, तो संक्षेप(शॉर्ट) में ही जवाब देना है| तो मैंने जवाब दिया, ‘जी. एच. ए. एन. टी. ए.’|
(सभी श्रोतागण ज़ोर से हँसते हैं)
वक्ता: घंटा! तो अगर बिलकुल निसंकोच और सीधा-सीधा जवाब चाहती हो, तो जवाब यही है| ‘चरित्र’ माने घंटा!
(सभी श्रोतागण ज़ोर से हँसते हैं)
वक्ता: चरित्र का अर्थ यह है कि हम इतने अंधे हैं कि हम तुम्हारे आचरण के अलावा और कुछ देख ही नहीं पाते!



