आज वातावरण में कार्बन डाइऑक्साइड प्राकृतिक स्तर से 50% ज़्यादा हो गई है। ऐसा पाँचवें महाविनाश के बाद कभी नहीं हुआ। इसे छठा महाविनाश माना जा रहा है। सिर्फ़ तापमान नहीं बढ़ने वाला, तापमान की रेंज ज़बरदस्त तरीक़े से बढ़ने वाली है। यदि औसत तापमान 3 डिग्री है तो पीक 8–10 डिग्री बढ़ेगा। हर प्रजाति तापमान पर निर्भर होती है। तापमान बदल दोगे तो पूरी प्रजाति ही नष्ट हो जाएगी। यदि पूर्ण विध्वंस होगा तो वह आपने तय किया है और आप चाहो तो उसका समाधान भी हो सकता है।
यह सारांश AI द्वारा तैयार किया गया है। इसे पूरी तरह समझने के लिए कृपया पूरा लेख पढ़ें।
प्रश्नकर्ता: आचार्य जी नमस्ते, मेरा नाम राज दीक्षित है। मैं एयरोस्पेस इंजीनियरिंग का छात्र हूँ।
आचार्य जी, हाल ही में जो एयर इंडिया की घटना देखने को मिली है, उसे वर्स्ट एक्सीडेंट ऑफ़ द डिकेड बोला गया। इस बात की अभी कोई स्पष्ट पुष्टि नहीं की गई है कि ये किस वजह से हुआ है, किस लिए हुआ है।
लेकिन आचार्य जी, क्लाइमेट चेंज को आज तक हम बस ऐसे ही देखते आए हैं कि गर्मी बढ़ गई, लैंडस्लाइड गिर गया। लेकिन जो आज तक आप क्लाइमेट चेंज के बारे में समझाते आए हो और जो मेरे प्रोफेसर्स ने भी मुझे समझाया, कि आगे इस क्लाइमेट चेंज की वजह से। हालाँकि ये क्लाइमेट चेंज की वजह से शायद, इसकी कोई स्पष्ट पुष्टि नहीं है, लेकिन क्लाइमेट चेंज की वजह से ऐसी और घटना देखने को मिल सकती हैं। तो आचार्य जी?




