शराब पीने से, मूवी देखने से, कोई भी एंटरटेनमेंट से क्या होता है? आप थोड़ी देर के लिए सब भूल जाते हो, यही तो होता है। इसका मतलब आपके पास कुछ है भूलने लायक, अपनी ज़िंदगी बर्दाश्त नहीं हो रही। जब तक आप व्यक्तित्व और पूरे माहौल को ही नहीं बदलोगे, तब तक जो भी लत लगी हुई है, वो लगी रहेगी। कोई आपका बहुत-बहुत गहरे आनंद का क्षण हो, उसमें आप बेहोश होना चाहोगे क्या? उसमें तो आप नींद को भी भगा देते हो, भगाते हो कि नहीं?
यह सारांश AI द्वारा तैयार किया गया है। इसे पूरी तरह समझने के लिए कृपया पूरा लेख पढ़ें।
प्रश्नकर्ता: नमस्ते आचार्य जी, सबसे पहले तो बहुत थैंक यू, सर। सर, मेरा क्वेश्चन है अपने पापा को लेकर। सर, मैं उनसे बहुत प्यार करती हूँ, मुझे ब्रेन ट्यूमर हुआ जिसकी दो बार सर्जरी हुई। बहुत डिप्रेशन में थे वो, बहुत बीमार हो गए, और उसके बाद उन्होंने मेरा इलाज करवाया। अभी मैं बिल्कुल ठीक हूँ।
सर, अब उन्हें प्रॉब्लम है कि वो ड्रिंकिंग के एडिक्टेड हो गए हैं। और सर, एडिक्टेड इतने ज़्यादा हो गए हैं कि उनका लूप चलता है, ड्यूटी वो पूरी करते हैं, हमारे लिए कभी कोई कमी नहीं छोड़ते, हम बच्चों के लिए, मम्मी के लिए हमेशा अवेलेबल हैं। लेकिन लूप है कि ड्रिंक करेंगे एक दिन, दो दिन, तीन दिन, और फिर तब तक करेंगे जब तक वो बीमार नहीं हो जाते। फिर एडमिट होंगे, फिर हमें अपॉलजाइज़ करेंगे, फिर दो दिन ठीक चलेंगे, फिर वही लूप।
ड्यूटी मिस




