जिसके होने से दिन है, ये दिन उसी को समर्पित हो
जिसके होने से शरीर है, ये शरीर उसी को समर्पित हो
जिसके होने से मन है, ये मन उसी को समर्पित हो
जिसके होने से मैं हूँ, सर्वस्व मेरा उसी को समर्पित हो
~ आचार्य प्रशांत