अज्ञान भय पैदा करता है, जबकि ज्ञान से आनंद और मस्ती जन्म लेते हैं। सच्ची मित्रता, प्रेम और शांति किसी को पकड़ने से नहीं, बल्कि स्वतंत्रता देने से मिलते हैं। मन स्वयं चंचल नहीं होता; उसमें क्या भरा जाए, यह हमारी सजगता तय करती है। जीवन का उद्देश्य केवल जानकारी जुटाना नहीं, बल्कि ज्ञान से प्रेम करना, प्रश्न करना, आत्मावलोकन करना और अपने भ्रमों को पहचानकर भीतर की स्वतंत्रता की ओर बढ़ना है।
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प्रश्नकर्ता: आचार्य जी, नमस्कार।
आचार्य प्रशांत: नमस्कार।
प्रश्नकर्ता: ऑन बिहाफ़ ऑफ़ एवरी ऑडियंस सिटिंग ओवर हियर, फ्रॉम प्रार्थना टीवी एंड ओसा टेलीविज़न, हमें खेद है कि आप इन पर्सन इस मंच पर हमें नहीं मिले। बट एनीवे, हम आपके साथ जुड़ गए हैं।
आचार्य प्रशांत: *आई वॉन्टेड टू कम देयर। देयर वर प्रिपरेशंस बीइंग मेड। आई वॉन्टेड टू कम, एंड नॉट ओनली दिस इवेंट, देयर वर अ कपल ऑफ़ मोर इवेंट्स शेड्यूल्ड एट भुवनेश्वर। बट द कंडीशंस हियर जस्ट डिडन्ट अलाउ मी। सो जस्ट अ फ़्यू डेज़ बिफ़ोर द डिपार्चर, द प्लैन्स हैड टू बी चेंज्ड। सो आई रियली वॉन्टेड टू बी देयर, बट आई एम ग्लैड आई एम इंटरेक्टिंग विथ द ऑडियंस ऑन द स्क्रीन। एंड थैंक यू फ़ॉर इनवाइटिंग मी।**




