‘ग्रीनवॉशिंग’ का मतलब होता है कि जो चीज़ पर्यावरण की बहुत कम मदद कर पाएगी, उसको ऐसे प्रदर्शित करना जैसे वो पर्यावरण के लिए बड़ी हितकारी हो। ये एक तरह की धोखेबाज़ी है। पेड़ लगाना बहुत बड़ी ग्रीनवॉशिंग है। पेड़ लगाने से नहीं होगा; ग्रीनवॉशिंग मत करो। तुम दो काम बहुत घातक कर रहे हो — प्रोडक्शन और पॉपुलेशन; ये बरकत नहीं है, ये पृथ्वी का नाश है। कुछ और मत करो; बस प्रोडक्शन और पॉपुलेशन कम करो — ये है क्लाइमेट क्राइसिस का इलाज।
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प्रश्नकर्ता: प्रणाम आचार्य जी। आचार्य जी, क्लाइमेट चेंज का असर जो है अब साफ़-साफ़ दिखने लगा है हम लोगों को। और हम लोग इसका इलाज बहुत सतही तौर पर कर रहे हैं, जैसे कि पेड़ लगाना हो गया और पुराने कपड़े बार-बार पहनना। और कई जगह तो ऐसा भी होता है, मैंने देखा व्हाट्सऐप स्टेटस पर जीमेल डिलीट करने के लिए कह रहे हैं, जो पुराने ज़माने के जीमेल होते हैं।
आचार्य प्रशांत: अच्छा मेल स्टोरेज फ्री कर दो।
प्रश्नकर्ता: जी, बिल्कुल। उसको डिलीट करने के लिए बोल रहे हैं। और वीगन मूवमेंट में ये भी देख रहा हूँ कि मीटलेस मंडे(सोमवार) मना रहे हैं, कि मंडे(सोमवार) के दिन मीट मत खाओ, तो पर्यावरण थोड़ा बचा रहेगा ऐसा। और इतना करके सोच रहे हैं कि ये काफ़ी है। सही है, सही चलेगा अगर ऐसा करते रहे तो। और इसके लिए एक टर्म आया है — ग्रीनवॉशिंग।




