
आचार्य प्रशांत: आप में से कितने लोग डर का शिकार हैं किसी मुद्दे पर? ठीक। तो डर को भगाना नहीं है। डर को क्या करना है? भागने देना नहीं है। उसका काम है हिट एंड रन। उसका क्या काम है? हिट एंड रन। और चूँकि सच पूछो तो अस्तित्व में डरने की कोई बात होती नहीं। तो डर सिर्फ़ एक शर्त पर अपने आप को बना के, बचा के रखता है। वो शर्त है धुंध, अस्पष्टता, वेगनेस। क्या? वेगनेस। फियर यू विल डिस्कवर इज़ ऑलवेज वेग। वही फियर का कवच है।
डर एक धुंध जैसे कवच के पीछे स्वयं को सुरक्षित रखता है, वो कभी साफ़ नहीं बताएगा कि किस बात का डर है। वो बस ये कहेगा, देख ले कुछ ग़लत हो सकता है। देख ले, कुछ ग़लत हो सकता है। अरे, क्या ग़लत हो सकता है? साफ़ बता न। और आप पाओगे कि उसकी अब जब ज़ुबान लड़खड़ा रही है, उसके पास कुछ बोलने को नहीं है। यह है डर।
छुपो तुम उसके पीछे। ठीक है। वहाँ से फुसफुसाओ, डराओ मुझे, (श्रोता को अभिनय के लिए बोलते हुए)। देखा, कह रहा है कुछ बहुत अजीब हो सकता है। तेरा घर टूट जाएगा, तेरी दुनिया बर्बाद हो जाएगी। इसका कोई भी स्पष्ट अर्थ है? तेरी दुनिया बर्बाद हो जाएगी, इसका क्या मतलब है? कोई मतलब है? कुछ नहीं।
तो अभी वही छुप के अभी वहाँ से मुझे धमका रहा है। तो मैं क्या करूँगा कि अभी ये बीच-बीच में मुंडी निकालता है मुझे डराने के लिए, तो मैं यहाँ जाकर के ये होशियारी दिखाए, इससे पहले मैं यहाँ खड़ा हो जाऊँगा। जैसे चूहा बिल से निकलता है न, तभी पकड़ सकते हो उसको, अभी निकलने दो इसको बिल से, यहाँ से निकल के। आजा! आजा! भाई है भाई, इतना प्यार करता है कि बार-बार आता है।
किस-किस को डर बार-बार आता है? कोई आपके पास बार-बार आता हो तो आशिक़ ही होगा आपका। तो भाई है, भाई यार है, प्यार है। बता बेटा, क्या बोल रहा था?
“घर टूट जाएगा।”
कैसे टूट जाएगा, मेरा बहुत मस्त सीमेंट से बना है।
“अच्छा, जंग लग जाएगा।”
तेरे दिमाग़ में लगा जंग?
यही अगर मैं इसको अनुमति दे दूँ पर्दों के पीछे से फुसफुसाते रहने की, तो यह मेरे लिए ख़ौफ़नाक हो जाएगा। मैंने इसको बुलाया है और मैं पूछूँगा, तू बता, इससे तेरा मतलब क्या है? दुनिया में आग लग जाएगी। तेरी दुनिया में आग लगने वाली है, तेरे रिश्ते बर्बाद होने वाले हैं। इसका मतलब क्या है? क्या मतलब है? कौन-से रिश्ते की बात कर रहा है? और वो कैसे बर्बाद होगा? साफ़-साफ़ बता।
“छोड़ के चला जाएगा।”
तो चाय वाय पी, आजा। भागना नहीं है। ये बैठा, भागने मत देना, यह जितनी दूर होता है उतना ही ताक़तवर होता है।
सूत्र समझ लो, यह जितनी दूर होगा वो उतना ताक़तवर होगा। यह जाके धुंध के पीछे छुपता है वहाँ पर। वो धुंध है। ये जब भी पीछे से फुसफुसाए, डराए, धमकाए, जा के पकड़ के ले आओ और भागने मत दो।
चाय पिलाओ, चाय पीओ। इसकी ताक़त छुपने में है, इसकी ताक़त दूरी में है। और जब बुलाओगे और जैसे ही इससे कहोगे, क्लेरिफ़ाई। क्या बोलोगे? बी एग्जैक्ट। इसकी जान निकल जाएगी, क्योंकि यह छुपता ही है वेगनेस में।
वेगनेस समझते हैं? वेग माने क्या? अप्रासंगिक, अस्पष्ट, फालतू, अब्सर्ड, फ़िज़ूल बातें। जैसे अभी ये मुझसे बोलेगा।
“तुम्हारे पाँव तले से ज़मीन खिसक जाएगी।”
इसका कोई मतलब है? इसका कोई मतलब है? और ये ऐसे नहीं बोलता साधारण। ये तो सीधा है, अभी मैंने पकड़ रखा है न इसलिए। जब मैंने इसे पकड़ नहीं रखा होता है, तो मालूम है कैसे बोलता है? “तेरे पाँव तले ज़मीन खिसकने वाली है! याद कर अपने सारे पुराने कर्मों को। याद कर, तूने आठ सौ साल पहले क्या किया था? तुझे आज उसकी सज़ा मिलने वाली है।”
कैन इट बी मोर नेबुलस देन दिस? और हर आदमी को लगता है कि कुछ तो मैंने कभी ग़लती करी होगी। कुछ तो किया ही होगा और अभी आया है वह श्राप को फलीभूत करने। तो ये कैसी बातें करेगा हमेशा? धुंधली। धुंधली बातें इसे करनी देनी नहीं है। बहुत नालायक है ये, तुरंत भागता है। और भागा नहीं है, ये भी नहीं करेगा कि चला ही जाए। क्या करेगा? वहाँ जाकर छुपेगा, वहाँ से फुसफुसाएगा।
वहाँ खड़ा हो जा।