गोल्ड वगैरह छोड़ो, बताओ अफेयर किससे चल रहा है || आचार्य प्रशांत (2024)

प्रश्नकर्ता: नमस्ते आचार्य जी। अभी हमारी जो टीम है, वो ओलंपिक से वापस आई है, जो खिलाड़ी हैं। और उनको लेकर कुछ नेशनल न्यूज़, मीडिया में और सोशल मीडिया में कुछ बातें चल रही हैं। उनके कुछ हेडलाइंस (शीर्षक) मैं आपको पढ़कर के सुनाना चाहता हूँ — ‘मनु के पिता ने खोले राज़, नीरज से शादी होगी या नहीं। नीरज चोपड़ा से रिश्तों की खबरों पर मनु भाकर ने तोड़ी चुप्पी। चैंपियन नीरज चोपड़ा का घर और गाड़ियाँ देखकर आपके होश उड़ जाएँगे। दोनों की मुलाकात देख फैंस बोले, ‘रिश्ता पक्का, दामाद मिला।’
तो ये जब खिलाड़ी ओलंपिक्स से खेलकर के आ रहे हैं, तो हमारे मीडिया में ये डिस्कशन्स (विचार-विमर्श) चल रही हैं। खिलाड़ियों की तैयारी और मेहनत पर पता नहीं कितनी बात हो रही है। इस बार ओलंपिक्स में हमारी परफॉर्मेंस (प्रदर्शन) पिछली बार से खराब क्यों है, इस पर पता नहीं कितने विश्लेषण हो रहे हैं।
आचार्य प्रशांत: विश्लेषण करने की ज़रूरत क्या है, ये रही न बात। खिलाड़ियों की परफॉर्मेंस क्यों आज तक खराब रही है, क्यों आगे भी खराब रहेगी, क्या विश्लेषण करना है, ये रहा विश्लेषण! हमारे लिए न स्ट्रगल (संघर्ष) बड़ी बात है, न विक्ट्री (जीत) बड़ी बात है, न स्पोर्ट्स बड़ी बात है, न फिटनेस बड़ी बात है। हमारे लिए राष्ट्र का गौरव भी कोई बहुत बड़ी बात नहीं है। हमारे लिए असली बात यही है कि किसका ब्याह किससे होने जा रहा है, किसका टाँका किससे भिड़ रहा है।
जो भारत का आम आदमी और आम औरत है, उसके लिए दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण बात बस यही है — चौथे फ़्लोर



