प्रश्नकर्ता: आचार्य जी, प्रणाम। मेरा प्रश्न मेरे वैवाहिक जीवन से है। किसी भी अन्य रिश्ते में मुझे अभिव्यक्ति करना सरल लगता है पर अपनी बातें अपनी पत्नी तक पहुँचाना बहुत ही कठिन लगता है। यह रिश्ता इतना गहरा है फिर इतनी मुश्किल क्यों?
आचार्य प्रशांत: अब तुम्हें यहाँ पर एक विरोधाभास दिख रहा है, दो बातें मेल नहीं खा रहीं। पहली बात कहते हो कि पत्नी के साथ रिश्ता गहरा है, दूसरी बात कहते हो कि पत्नी से संवाद करना, पत्नी तक अपनी बात पहुँचाना बड़ा मुश्किल अनुभव होता है। ये जो तुमने दो बातें बतायी हैं जिनके बीच में सामंजस्य नहीं बैठ रहा, मेल नहीं बैठ रहा, इन दोनों बातों में प्रत्यक्ष अनुभव क्या है तुम्हारा? पहली बात तुमने कही है, ‘पत्नी के सामने खुल नहीं पाते’ और दूसरी बात तुमने कही है, ‘नाता बहुत गहरा है।’ इन दोनों बातों में कौनसी बात तथ्य है?
और एक बात समझना, गाँठ बाँध लेना बिलकुल, कभी भी कोई भी दो तथ्य एक-दूसरे से नहीं टकराते। तथ्य और तथ्य का कोई विरोध नहीं होता। संघर्ष, घर्षण, विवाद ये तुम मात्र धारणाओं के बीच में पाओगे या फिर जब धारणा तथ्य से टकराती हो तब। तथ्य और तथ्य सदा एक-दूसरे से सहमती में रहेंगे। तथ्य और तथ्य सदा एक-दूसरे से सहमती में रहेंगे। जब भी कभी तुम पाओ कि दो बातें एक-दूसरे से सहमत नहीं हो पा रही हैं, एक-दूसरे का खंडन करने को खड़ी हैं, तो जान लेना कि उन दोनों बातों में कम-से-कम एक बात तो तथ्य नहीं है। हो सकता है दोनों ही बातें तथ्य न हों।
मैं चुनौती देता हूँ, कोई ऐसे दो तथ्य मुझे दिखा दो जो एक-दूसरे की ख़िलाफ़त करते हों। घूम लो पूरी दुनिया और कोई ऐसे दो तथ्य उठा लाओ जो एक-दूसरे से राज़ी न होते हों, तुम्हें नहीं मिलेंगे।
अब अपनी स्थिति देखो, एक तरफ़ तुम कह रहे हो पत्नी से बातचीत नहीं कर पाते, दूसरी तरफ़ तुम कह रहे हो रिश्ता गहरा है। इन दोनों में से तथ्य कौनसा वक्तव्य है तुम्हारा? बात नहीं कर पाते हो पत्नी से, यह तो तथ्यगत लगता है। तथ्य क्या? तथ्य वो जो कि यदि कई लोगों द्वारा भी देखा जाए तो बदल न जाए। तथ्य को कह सकते हो, ‘वो अनुभव जो अनुभोक्ता पर आश्रित नहीं है।’ तथ्य के साथ एक वस्तुता होती है और धारणाएँ वैयक्तिक होती हैं। तथ्य वस्तु पर आश्रित होता है, धारणा व्यक्ति पर आश्रित होती है। 'यह (अपने हाथ में एक वस्तु उठाकर) नीला है', यह वक्तव्य आश्रित है वस्तु पर, तो इसे हम कह सकते हैं तथ्य। 'यह सुन्दर है', यह वक्तव्य आश्रित है?




