क्या पीरियड्स में महिलाएं सच में कमजोर हो जाती हैं? आचार्य प्रशांत का जवाब

पीरियड्स से महिलाएं कमजोर नहीं होतीं, फिर भी यह मान्यता सदियों से चली आ रही है। आचार्य प्रशांत बताते हैं कि हर ऐसी मान्यता के पीछे किसी का डर या स्वार्थ छुपा होता है। सिर्फ तर्क या जानकारी से बदलाव नहीं आता, जब तक हम खुद अपने भीतर के इस डर या स्वार्थ को पहचानकर उससे मुक्त होने का चुनाव न करें। असली आज़ादी वहीं से शुरू होती है जहां हम मूर्खता की बातों को पीछे छोड़ना सीखते हैं और सोच-समझकर संगति का चुनाव करते हैं।
यह सारांश AI द्वारा तैयार किया गया है। इसे पूरी तरह समझने के लिए कृपया पूरा लेख पढ़ें।
News Clip: इसके तो पीरियड शुरू हो गए। यह तो गई। अरे! यह तो अभी भी भाग रही है। चीन की धाविका ली माइसेन पीरियड शुरू होने के बावजूद भी रुकी नहीं और उसने अपनी 42 किलोमीटर की मैराथन पूरी की।
प्रश्नकर्ता: रजस्वला में स्त्रियां कमजोर होती हैं।
आचार्य प्रशांत: कितना कमजोर हो जाती है? गिर पड़ेगी, पागल हो जाएगी। क्या करेगी? सीईओज़ होती हैं। वो पीरियड के दिनों में ऑफिस नहीं जाती।
प्राइम मिनिस्टर्स, प्रेसिडेंट्स महिलाएं होती हैं तो काम करना छोड़ देती हैं। एक प्रोफेशनल एथलीट है। वो तो हर महीना ही कॉम्पीट कर रही है। वो कहां तक अपने पीरियड आगे पीछे करेगी? क्या मूर्खता है?



