अमीरों की अमीरी बढ़ी, गरीबों की गरीबी बढ़ी, और हमने बजाई ताली

क्योंकि आपको भी कोई आत्मज्ञान नहीं। वो आपको विज्ञापन दिखाते हैं। आप उनका माल खरीद लेते हो। आपके ही पैसे से उनकी जेब भर रही है और आपके ही पैसे से पृथ्वी तबाह हो रही है। वो खुद थोड़ी प्रोडक्टिव पावर्स हैं। वो क्या पैदा करते हो? कुछ नहीं करते। पैदा आप करते हो। जेब उनकी भरती है। आपकी मेहनत का पैसा इस पृथ्वी को बर्बाद करने के काम आया है। और वहां आपको जरा भी झिझक नहीं होती है।
यह सारांश AI द्वारा तैयार किया गया है। इसे पूरी तरह समझने के लिए कृपया पूरा लेख पढ़ें।
प्रश्नकर्ता: आचार्य जी नमस्ते। मेरा क्वेश्चन सर इनकम इनइक्वैलिटी को लेके है और इसका उदाहरण हमें आईटी कंपनीज में देखने को मिलता है कि जो सीईओस हैं उनकी सैलरी वन फिफ्टी परसेंट (१५०%) बढ़ी है और जो नीचे के लेडर के लोग हैं उनका फोर परसेंट (४%)......
आचार्य प्रशांत: सीईओस का क्या कह रहे हैं आप?
प्रश्नकर्ता: सीईओस की जो सैलरी है वो वन फिफ्टी परसेंट (१५०%) का ग्रोथ हुआ है उनमें और जो नीचे के लेडर के जो फ्रेशर्स हैं उनमें फोर परसेंट (४%) का इजाफा है। सिर्फ सैलरीज में।
आचार्य प्रशांत: ये आप पिछले चार-पांच साल का डाटा बोल रहे हैं?
प्रश्नकर्ता: जी जी।



