प्रश्नकर्ता: पुरुषों की तुलना में महिलाओं के अन्दर किसी के साथ रहने का भाव ज़्यादा रहता है, और साथ न हो तो डर सा लगता है।
आचार्य: क्या? क्या छिन जाएगा?
प्र: वो कंडीशनिंग (अनुकूलन) बहुत गहरी है।
आचार्य: छोड़ो न कंडीशनिंग को, सीधी बात बताओ, क्या छीन लेगा कोई? ‘आ, ले जा!’
प्र: जो तादात्म्य जुड़े हुए हैं।
आचार्य: जो पूछ रहा हूँ वो बताओ। कोई क्या छीन लेगा?
प्र: जो कल (भविष्य) की ये संकल्पना है कि आगे कोई नहीं होगा साथ तो।
आचार्य: कल में क्या? क्या है जो छिन जाएगा?




