प्रश्न: मानसिक स्पेस कहीं है कि नहीं, खालीपन का?
वक्ता: जब आप शून्यता को प्राप्त हुए हैं, तो किस चीज़ से खाली हुए हैं?
श्रोता: अपने मन से।
वक्ता: और स्पेस कहाँ है? जब मन ही नहीं है, तो स्पेस कहाँ बचा?
श्रोता: मतलब स्पेसलेसनेस?
वक्ता: नहीं, स्पेसलेसनेस भी नहीं क्यूँकी जहाँ स्पेसलेसनेस है, वहाँ स्पेस तो रहेगा।
शून्यता का मतलब है: शून्यता के बारे में इतनी गहरी विचारणा से मुक्ति।
शून्यता का मतलब है इस गम्भीता से मुक्त हो जाना। जितनी गंभीरता से आप शून्यता के बारे में जानना चाह रहे हो न, तो आप खालीपन को प्राप्त होने की जगह बहुत भर गए हो। किस चीज़ से भर गए हो? खालीपन से। ‘’मैं खालीपन के बारे में विचारों से भर चूका हूँ,’’ यह सही नहीं है!




