कॉलेज कैंपस में युवा ड्रग्स की ओर क्यों बढ़ रहे हैं?

युवाओं में बढ़ते नशे की समस्या का मूल कारण केवल ड्रग्स नहीं, बल्कि दिशाहीन और अशांत जीवन है। जब व्यक्ति अपने अस्तित्व, उद्देश्य और भीतर की बेचैनी का सामना नहीं कर पाता, तो वह किसी-न-किसी नशे में शरण खोजता है—चाहे वह शराब हो, सोशल मीडिया, मनोरंजन, भोजन या प्रसिद्धि। स्थायी समाधान बाहरी रोकथाम नहीं, बल्कि आत्म-शिक्षा, जीवन की सही दिशा और स्वयं को समझने वाली शिक्षा है, जिससे ऊर्जा सार्थक कार्यों में लगे और नशे की आवश्यकता ही समाप्त हो जाए।
यह सारांश AI द्वारा तैयार किया गया है। इसे पूरी तरह समझने के लिए कृपया पूरा लेख पढ़ें।
प्रश्नकर्ता: हेलो सर, नमस्ते। मेरा नाम पूजा है। मैं यूपी, मेरठ से हूँ। सर, मैंने आपको बेसिकली तीन साल पहले सुनना शुरू किया था और सर, आपने बचा लिया। मतलब मुझे लगता है कि, मतलब, मेरी फैमिली बेसिकली गाँव से आती है, बिलॉन्ग करती है, जिसमें माना जाता है कि लड़की 20 की हुई कि शादी कर दो। लेकिन मैंने आपको सुनना स्टार्ट कर दिया, तो मतलब बहुत हिम्मत आई। घर से बाहर निकली, मेरठ से देहरादून आई। अकेले आना मतलब बहुत मुश्किल था। लेकिन धीरे-धीरे डर खत्म हुआ। बहुत ज़्यादा चीज़ें सही हुईं। जॉब करने लगी।
बचपन से मन था कि फिजिकल एक्टिविटीज़ में जाऊँ, स्पोर्ट्स में जाऊँ, लेकिन वही गाँव का परिवेश था, तो जा नहीं पा रही थी। जा नहीं सकते। शहर दूर है, हर चीज़, और कुछ रिस्ट्रिक्शंस होते हैं कि लड़की हो, शादी कर लो, बस घर बसा लो। ये सब चीज़ें होती हैं। लेकिन आपको सुना, तो सच में बहुत सारी चीज़ें हुईं। वरना ऐसा होता कि सच में दो बच्चे होते मेरे पास अब, मैं जॉब-वॉब कुछ नहीं कर रही होती और बस वही होता।
तो सर, मेरा बेसिकली क्वेश्चन ये है कि जैसे कि मैं देहरादून में हूँ। तो यहाँ पर लगभग डेली सुनने को मिल रहा है कि आसपास क्राइम हो रहे हैं। खुल्लम-खुल्ला कोई किसी को मार दे रहा है। और यहाँ के जो



