पत्नी के ताने और गुरु का ज्ञान || आचार्य प्रशांत, वेदांत महोत्सव ऋषिकेश में (2022)

प्रश्नकर्ता: चरण स्पर्श आचार्य जी। जिनसे शादी हुई है, तो थोड़ा-सा, बड़े शांत स्वभाव की लगती थीं और थोड़ा स्माइली फेस (हँसमुख चेहरा) भी था। अब वह बड़ा शादी के बाद परेशान करने लगीं। तो हमने बोला, "शादी के पहले तो ऐसी नहीं थी!" तो वह बोलती हैं कि अब तो शादी हो गई है। तो हमने कहा, "हमने तो जो चीज़ें कही थीं शादी के पहले, हम तो कोशिश कर रहे हैं," तो वह नहीं मानती।
आपको देखकर थोड़ा-सा नाराज़ रहती हैं वो। मोबाइल नहीं चेक (जाँचता) करता उसका, वह बीच में चेक करती थी मेरा। तो जैसे शुरू में आपको देखता था तो मैं उसको रात में हेड मसाज वगैरह करके सुला देता था, क्योंकि परेशान बहुत करती थी तो दो-ढाई बजे सुला देता था, फिर आराम से देखता था, आपको मतलब पाँच बजे तक।
उसको लगा कि यह तो अचानक से बड़े केरिंग (देखभाल करने वाला) हो गए हैं। तो हुआ अभी क्या है, वह पहले फैमिली प्लानिंग (परिवार नियोजन) को नहीं सोच रही थी कुछ। और जबसे आपको देखने लगा तो कहती हैं कि बच्चा चाहिए। मैंने कहा अभी नहीं करना है।
अच्छा, आजु-बाजु वाले भी होते है न, तो जैसे, "और खुशखबरी कब मिल रही है?" और अब मेरे से, "तो कर नहीं रहे हो या हो नहीं रहा है?" इस तरीक़े से। मैंने कहा, "हो नहीं रहा है।" फिर स्टाफ़ में, "बगिया में फूल कब खिलेगा?" ऐसे डायरेक्टली (सीधे) नहीं बोल कर ऐसे बोलते हैं मतलब। तो बीच में क्या हुआ आपको सुनना छोड़ा, तो फिर मैं, वह नहीं होता जैसे, जो आपको बंधन में रखना चाहेगा—आप बोलते हो—वह भावुकता का प्रदर्शन बहुत करेगा।
तो वही हुआ, वह भावुक हो गयीं अचानक से। तो उसमें क्या हुआ, बीच में आपको सुनना भी छोड़ा तो प्रेग्नेंट (गर्भवती) हो गयीं वह, सॉरी



