राष्ट्र का अर्थ होता है — लोग जो साथ रह रहे हैं, और उनके साथ होने का कोई कारण होता है। वह कारण ऊँचे से ऊँचा होना चाहिए। सेना भी इसीलिए होती है कि उच्चतम की रक्षा की जाए। भारत इस अर्थ में थोड़ा विशेष राष्ट्र है। भारत का संविधान उदार और ऊँचा है। संविधान में जो प्रस्तावना है, उसकी एक-एक बात वास्तव में वेदांत है। भारत रक्षा के योग्य इसलिए है, क्योंकि अगर भारत सशक्त होगा, तो यही ऊँचे और उदार विचार पूरी दुनिया में फैल पाएँगे।
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प्रश्नकर्ता: नमस्ते सर, मैं अभी इंडियन नेवी(भारतीय नौसेना) में हूँ, और ये मेरे ट्रेनीज़(प्रशिक्षु) हैं। आज संडे था तो मैंने सभी को साथ ले लिया है। बाकी दिन में, मैं खुद ही सेशन सुनता था।
तो सर, मेरा सवाल ये है कि जो भारतीय सेना है, उसका वेदांतिक अर्थ क्या होना चाहिए? क्योंकि अभी हम बॉर्डर पर हैं, तैनात हैं, लड़ रहे हैं कि कोई देश हमारे ऊपर आक्रमण न कर दे। और ये (प्रशिक्षु) हैं, जो ट्रेंड (प्रशिक्षित) हो रहे हैं लड़ने के लिए। पर जो क्लाईमेट चेंज की समस्या है वो तो सभी के लिए है।
तो जो भारतीय सेना का अर्थ है या इसका वेदांतिक अर्थ क्या होना चाहिए?
आचार्य प्रशांत: किसी भी सेना का, विशेषकर भारत की सेना का एक ही अर्थ होना चाहिए — उसकी रक्षा करो जो उच्चतम है। उसको बचाओ जो बचाने योग्य है।




