Saint Maluk Das

सत्य का गहरा व सूक्ष्म स्मरण || आचार्य प्रशांत, संत मलूकदास पर (2014)
सत्य का गहरा व सूक्ष्म स्मरण || आचार्य प्रशांत, संत मलूकदास पर (2014)
1 min
Related Articles
महँगी चीज़ें, सस्ता जीवन? सोशल मीडिया की लग्ज़री लाइफ़!
महँगी चीज़ें, सस्ता जीवन? सोशल मीडिया की लग्ज़री लाइफ़!
17 min
अपने आप को लग्ज़री देने से पहले मैं क्या पूछूँगा? क्या मेरा काम इस लायक है? बस। और जितना मेरे काम का स्तर बढ़ता जाएगा, उतना मैं अपने आप से कहता जाऊँगा, “हाँ, काम अब माँग रहा है एक नया मोबाइल फ़ोन। काम अब माँग रहा है लैपटॉप। काम माँग रहा है कि मैं ऐसी जगह पर न रहूँ जहाँ बहुत भीड़-भड़ाका हो, क्योंकि भीड़-भड़ाके में काम नहीं हो पाता।” तो मैं उस हिसाब से फिर काम की ख़ातिर, काम के सेवक की तरह, काम के साधन की तरह, काम के निमित्त की तरह, मैं अपने आप को फिर सुविधाएँ देती चलूँगी। उससे पहले नहीं।
सच्चा प्रेम लोरी नहीं, ललकार होता है
सच्चा प्रेम लोरी नहीं, ललकार होता है
10 min
थोड़ी जीवन में ठसक होनी चाहिए, एक्सक्लूसिविटी। एक शान, ऐरी-गहरी चीज़ों को भाव नहीं देना, ऐरे-गैरों को मुँह नहीं लगाना। “तू क्यों है ऐरा-गैरा?” मैं तेरा अपमान नहीं कर रहा हूँ। मैं तुझे प्रेरणा दे रहा हूँ। क्योंकि मुझे पता है तू भी वही संभावना रखता है, जो किसी ऊँचे-से-ऊँचे व्यक्ति में है। तू अपनी संभावना क्यों नहीं साकार कर रहा? और जिस दिन तक तू अपनी संभावना साकार नहीं करता, उस दिन तक मैं तुझे स्वीकार नहीं करता।
एप्स्टीन फ़ाइल्स: चमकते चेहरों का काला सच
एप्स्टीन फ़ाइल्स: चमकते चेहरों का काला सच
21 min
ये घटना है जो आपको परेशान कर रही है। मैं चाहता हूँ कि आप सिद्धांत की ओर जाएँ, और ये आपको एक बहुत बेहतर और गहरे तरीके से सुरक्षित करेगा। एक बात ये है कि कोई आपको बताता है, “ओह, यूरेनियम की गेंदों के साथ मत खेलो, कुछ बुरा हो सकता है।” एक बात ये है कि आप सिद्धांत जानते हैं। आप ठीक-ठीक जानते हैं कि *क्रिटिकल मास,* गेंद का *रेडियस,* और ऐसी चीज़ें कैसे गणना की जाती हैं। आप क्या चाहेंगे? आप सिद्धांत के बारे में जानना चाहेंगे, है न?
Love Lies Beyond Patterns
Love Lies Beyond Patterns
20 min
Love has to be seen as the need of the mind, the attraction of the mind towards Peace, towards rest. All attraction is there only with a desire; the hope is of fulfilment. So when the mind says ‘love’, along with love it has a picture of love. How do you know that somebody loves you? Only if he behaves according to set patterns. When real love comes to us, we close our gates to it. Love is not with a particular man or woman; Love is the natural state of the mind.
Who Controls Your Mood?
Who Controls Your Mood?
4 min
Our mood is always dependent on others and situations. Results have not been up to your expectations. So now you require a morale booster, some motivating speaker. The moment that fellow is gone, your energy also goes away. But there is another way of living. Deep within myself, I find a point that no external situation can touch. Whatever happens, happens on the surface. That will remain stable, uninvolved, a non-participant. Then you are really free.
एपस्टीन फ़ाइल्स: असली दोषी कौन?
एपस्टीन फ़ाइल्स: असली दोषी कौन?
34 min
तुम एक झूठी मान्यता में जीना चाहते हो कि इंसान बाय डिफॉल्ट होता तो अच्छा है, बस वो पावर उसको करप्ट कर देता है। पावर ने इंसान को नहीं करप्ट किया, इंसान पावर को करप्ट करता है। मौका देकर देखो, पूरी दुनिया की आबादी आ जाएगी एप्स्टीन फ़ाइल्स में। पर आप सारा दोष डाल दोगे व्यवस्थाओं पर, कुछ लोगों पर। बात उन व्यक्तियों की नहीं है। हमारी प्रजाति के मैन्युफैक्चरिंग डिफेक्ट की है — अहंकार। उसी डिफेक्ट को ठीक करने के लिए जो होता है, उसको बोलते हैं अध्यात्म, आत्मज्ञान।
वैलेंटाइन डे: प्रेम का वास्तविक अर्थ
वैलेंटाइन डे: प्रेम का वास्तविक अर्थ
32 min
जिसको तुम कहते हो रोमांटिक लव, इसका बाज़ारवाद से बहुत सीधा ताल्लुक है। अच्छे कपड़े पहन लिए, तोहफ़े दे लिए और मज़े कर लिए, लेकिन कुछ पूरा नहीं पड़ रहा; एक अधूरापन, एक कसक रह जाती है। आपकी बेचैनी वैसी की वैसी है। प्रेम का मतलब है कि जिसके साथ हो, उसकी आँखें खोल दो; वो ख़ुद को जानने लगे, मन को समझने लगे, यही प्रेम है। लेकिन ये करना आसान नहीं होता। ये करने की क़ीमत चुकानी पड़ती है। ये करने के लिए तुम्हें अपना सर्वस्व भी निछावर करना पड़े, तो कर दो। यही है वैलेंटाइन डे।
What Does Valentine’s Day Really Mean?
What Does Valentine’s Day Really Mean?
19 min
The kinds of meanings that we associate with love are actually quite demeaning. It’s not your own self-interest that you think of in love. Love is not an emotion; love primarily is a spiritual understanding. Saint Valentine would not be quite pleased with the meanings we have associated with his name and his day. The saints laid down their lives so that our faulty definition of love could be corrected, and that is probably the best use this day can be put to: correcting the definition of Love.
Does Love Need A Certificate?
Does Love Need A Certificate?
7 min
Real Love is a very pure thing. It is pure and it purifies. If you really love her, forget about the families, you won’t even bother whether she loves you, because Love does not demand anything in return. Forget about marriage or anything else. You love, you know love, and that is all, sufficient. Love unconditionally, and then a way will emerge. Unconditional Love is very, very intelligent, and knows no fear. It knows where the solution is, it will find a solution.
तुम सुविधा और सुरक्षा चाहते हो, इसीलिए लोग तुम्हें दबाते हैं (झुकना छोड़ो!)
तुम सुविधा और सुरक्षा चाहते हो, इसीलिए लोग तुम्हें दबाते हैं (झुकना छोड़ो!)
31 min
सामंजस्य, एडजस्टमेंट नहीं कर लेना चाहिए। जहाँ किसी तरीके से झुकना भी पड़े, दबना भी पड़े, डरना भी पड़े, वहाँ कम से कम अपने लिए नापसंद तो उठे। इतना तो हो कम से कम। मेरे भी थे ऑफिस में लोग, जिनको न चाहते हुए भी ‘सर’ बोलना पड़ता था। बहुत लंबे समय तक नहीं बोला, पर जितने समय तक बोला, उतने समय तक बोलना भी ऐसा था कि सिर भनना जाए।
बलात्कार और हमारा आक्रोश
बलात्कार और हमारा आक्रोश
10 min
किसी महिला को पढ़ाई, नौकरी, खेल से वंचित कर दिया गया, यह अत्याचार नहीं है क्या? पर इन अत्याचारों को तो हम अत्याचार मानते ही नहीं। चूँकि हमने महिला की पूरी आइडेंटिटी को उसकी सेक्सुअलिटी से ही बाँध दिया है। उसी का नतीजा यह होता है कि कहीं पर भी दंगा-फसाद हो, उसमें महिलाओं का बलात्कार अक्सर देखने को मिलता है। लेकिन महिला सिर्फ अपने जेंडर या सेक्स से तो आइडेंटिफाइड नहीं होती न! हमें उसके व्यक्तित्व के बाकी आयामों को भी सम्मान देना सीखना होगा।
राजनीति में अध्यात्म क्यों ज़रूरी?
राजनीति में अध्यात्म क्यों ज़रूरी?
9 min
अध्यात्म की रोशनी जीवन के हर क्षेत्र पर पड़ती है, तो राजनीति पर भी पड़ेगी ही पड़ेगी। ऐसा कुछ नहीं है कि आध्यात्मिक आदमी राजनीति के प्रति अंधा हो जाता है। बल्कि हक़ीक़त तो यह है कि राजनीति को आध्यात्मिक लोगों की बहुत सख़्त ज़रूरत है, क्योंकि राजनेता ताक़त की ऐसी गद्दियों पर बैठते हैं, जहाँ से वो आपके जीवन को बहुत तरीके से प्रभावित करते हैं। राजनेता अगर आध्यात्मिक नहीं है, तो देश रसातल में जाएगा। राजनीति त्यागनी नहीं है, सही राजनीति करनी है।
आठवीं क्लास के आशिक
आठवीं क्लास के आशिक
6 min
मुझे बड़ा ताज्जुब होता है। एक से एक नमूने, ज़िंदगी में जिनको कुछ नहीं समझ में आता, कुछ नहीं जानते। 14 साल के होंगे, 16 साल के होंगे, तभी से एक लफ्ज़ वो जान जाते हैं, क्या? प्यार। और ऐसे कभी सामने पड़ें, मैं कहूँ कि तुझे गणित नहीं आती, तुझे भूगोल नहीं आता, तुझे यहाँ से लेकर वहाँ तक सीधे चलना नहीं आता, तुझे किसी आदमी से दो बात करना नहीं आता, तुझे अपना गुस्सा संभालना नहीं आता, तुझे कहीं पर समय से पहुँचना नहीं आता, तुझे इंसान बनना नहीं आता, तुझे प्रेम करना कहाँ से आ गया?
असमानता का वास्तविक कारण
असमानता का वास्तविक कारण
17 min
एक कागज़ पर समानता शब्द लिख भर देने से समानता नहीं आ जाएगी। जो समानता के आदर्श को पसंद करते हों, उनकी बड़ी ज़िम्मेदारी है कि वो समझें, सर्वप्रथम, कि असमानता, भेद कहाँ से आते हैं। वो आते हैं, अहम् से। अहम् विभाजन पर पलता है। उसको जीने के लिए सीमाएँ चाहिए, वर्ग चाहिए, कुछ ऊँचा, कुछ नीचा चाहिए। सिर्फ़ आत्मा वो बिंदु है, जहाँ सब एक और एक समान हैं। इसीलिए, अगर भारत को या दुनिया के किसी भी राष्ट्र को समानता चाहिए, तो उसे आत्मिक होना पड़ेगा।
शिक्षा व्यवस्था की सबसे बड़ी चूक
शिक्षा व्यवस्था की सबसे बड़ी चूक
8 min
दुनिया के बारे में तो तुम्हें वर्तमान शिक्षा व्यवस्था ही खूब पढ़ा देती है। तुम कौन हो, कैसे हो, मन क्या चीज़ है, इसके बारे में कुछ नहीं बताती। तो इसीलिए अपूर्ण है ये व्यवस्था। देखो कि बच्चे को उसका सारा मानसिक भोजन कहाँ से मिल रहा है। तुम्हें बच्चे को कुछ नया सिखाने की ज़रूरत तो है, लेकिन उससे कहीं ज़्यादा बड़ी ज़रूरत है उन सब रास्तों को रोकने की, जिनसे ज़हर बच्चे में प्रवेश करता है। जो-जो कर सकते हो, सब कुछ करिए। यही वास्तविक अध्यात्म है, यही वास्तव में पुण्य का काम है।
आपका शोषक ही, आपका रोल मॉडल है
आपका शोषक ही, आपका रोल मॉडल है
30 min
आप आज के कैपिटलिस्ट को रोल मॉडल क्यों बोलते हो? अगर यह रोल मॉडल है, तो अंग्रेज़ भी रोल मॉडल हैं। द ब्रिटिश एंपायर वाज़ द बिगेस्ट कैपिटलिस्ट ऑफ़ इट्स टाइम। कैपिटल अपने आप में बुरी नहीं है। पर तुम्हारे भीतर एक बेहूदा अंधकार है, जिसमें तुम पैसा ठुँसे जा रहे हो। तुम दुनिया की आधी प्रजातियाँ ख़त्म करके खा चुके हो। तुम अब पूरी पृथ्वी को खा जाओगे, फिर भी तुम्हारा पेट नहीं भरेगा। आप एक्सप्लॉइटेड हो क्योंकि आप ख़ुद वैसा ही बनना चाहते हो जैसा आपका एक्सप्लॉइटर है। आपका एक्सप्लॉइटर ही आपका रोल मॉडल है।
Don’t fall in such traps
Don’t fall in such traps
13 min
That’s the purpose of life, no? To know your real destiny beyond your physical limitations and social conditioning. Most people do not know that such a dangerous thing is surreptitiously happening to them. I have found that we are quite big on media and social media now, so comments flow in their hundreds. And women actually have a self-righteous position when they say that we are not supposed to work and you better not expect that from us. Equally, men are conditioned about the roles they are supposed to play in life at home, in society, and how they are supposed to feel about themselves.
गुरु को भी बाज़ार बना लिया
गुरु को भी बाज़ार बना लिया
6 min
अगर मैं कोई माल बेच रहा हूँ, तो वही तो बेचूँगा जो आप ख़रीदना चाहते हो। गुरु जी वही करते हैं। आपको वही सुना देते हैं जो आप सुनना चाहते हो, बस थोड़े सोफ़िस्टिकेटेड तरीके से। तो ज़्यादातर जिसको आप स्पिरिचुअलिटी बोलते हो, वो सेंटिमेंटल कंसोलेशन होती है बस। थोड़ी देर के लिए आपको सुकून मिल जाएगा, पर आपकी ज़िंदगी में वास्तव में कुछ नहीं बदलेगा। अपनी कामना पूरी करने के लिए आप जहाँ भी जाओगे, वह बाज़ार ही होगा। गुरु को भी बाज़ार बना लिया, तो अब क्या बचा।
You Call This Love?
You Call This Love?
30 min
I have desires and you are the means to fulfill those desires. That’s why I come to you and I say I’m a loving person. This is not love. Most of that which we call love is actually just self-interest. A lot of our comforts, conveniences and identities depend on the other; therefore, we want to hold the other. Real love is possible only when you know that the other cannot bring anything to you. You relate to the other to share, not to gain.
Rape: Not an Incident, A Continuity
Rape: Not an Incident, A Continuity
17 min
If you leave yourself weak and vulnerable, you are submitting to the ecosystem of rape. What’s worse? It won’t even be reported. The first thing is: empower yourself through education, through exposure, through wisdom. When it comes to sexual urges, no lessons of morality really succeed. You’ll just be left complaining to the benevolent power up there, “You know, I’m such a pious woman. Why was I violated?” Because that’s how it happens in the jungle. That’s the answer. That’s all.
A Guru’s Helplessness
A Guru’s Helplessness
5 min
You can tell someone, “Kid, this is the path of destruction. Leave it!” But you cannot forcefully pick the kid up and take her away. You know something is not right for the other person, and yet you can’t help her from doing it. You can’t give up, you can’t get angry, and you can’t stop what is happening. Great powerlessness. That’s how a Teacher feels.
Have You Saved Enough for the Return Fare?
Have You Saved Enough for the Return Fare?
15 min
That’s what the entire spiritual process is about, collecting the airfare. So that you can rise up, otherwise, you stay crawling on the highway. Life is not so that you just remain a crawler, a creeper. Life is so that you can take off.
How Men Actually See Women
How Men Actually See Women
14 min
The tiger chases the buffalo calf and brings it down. Does that disappoint you? No, because that was expected. Similarly, expect animal behavior all the time from everyone around you, including yourself. Everything we do comes from the jungle, so don’t be disappointed. Disappointment always arises from expectations. You really have to strive to be someone who is not an animal. And the first step in that striving is to address your own inner animal.
Stop Manifesting, Start Questioning
Stop Manifesting, Start Questioning
8 min
Manifestation is simply an expression of your desire. You desire something, and then you imagine your desire has been fulfilled. What does the common man desire? ‘Give me more money.’ What will the politician desire? ‘Finish off democracy and give me power for life.’ We have very stinking desires. Do we ever desire anything that is really good for everybody? The question remains: Was that thing worth it? You gave it so much time, so much respect, did it deserve that?
ज़िंदगी में मुश्किलें रहेंगी, कोई बात नहीं
ज़िंदगी में मुश्किलें रहेंगी, कोई बात नहीं
15 min
इंसान होने का मतलब ही है बहुत कुछ होगा जो तुम्हारे सामर्थ्य से बाहर का होगा। एक चीज़ है तुम्हारे हक़ में। क्या? घटना कुछ भी घट रही हो, उस घटना को उत्तर क्या देना है। तुम्हारा प्रतिसाद, तुम्हारी प्रतिक्रिया, ये तुम्हारे अधिकार में हो सकते हैं। बिल्कुल संभव है कि बाहर बड़ी से बड़ी कठिनाई हो, कष्ट हो; भीतर तुम्हारे एक अस्पर्शित शांति बनी ही रहे। जो ऐसा कर ले गया, वो न सिर्फ़ जी गया, वो जीवन के पार निकल गया। सिर्फ़ उसी का जीवन सार्थक हुआ।
Love Is Dangerous
Love Is Dangerous
9 min
“I love my job as long as I'm paid for it.” Can you work without being paid? If yes, then probably there is some beginning of love. There are ten things we all like, and all liking or disliking is conditional, and the mark of love is that it survives all conditions. If you come to something that is dearer to you than life itself, then you know what love is. Love is dangerous, because it would mean you have come to something that's more precious to you than life itself.
हवस और हिंसा रोकने के लिए ये सज़ा दो
हवस और हिंसा रोकने के लिए ये सज़ा दो
31 min
तुम ये माने बैठे हो कि समाज बहुत अच्छा है, क़ानून में बस कमी है। क्यों अपने आपको कैरेक्टर सर्टिफ़िकेट दे रहे हो? क्यों कह रहे हो कि इस समाज का चरित्र बहुत अच्छा है? क्यों समाज को एक चरित्र प्रमाणपत्र दे रहे हो? मत दो भाई। इस समाज को अच्छा कैरेक्टर सर्टिफ़िकेट देने की कोई ज़रूरत नहीं है। जो मामले होते हैं न, वो प्रतिनिधि मामले हैं — वे रेप्रेजेंटेटिव मामले हैं। वो ऐसा नहीं कि यूँही कोई आसमान से गिरा एलियन है जो आकर रेप कर गया। वो इसी समाज, इसी मिट्टी से उठा हुआ अपराधी है।
दुख के कारण को समझो
दुख के कारण को समझो
21 min
छोटे बच्चे हैं; मिर्ची लग गई। मम्मी भाग के आती है तो क्या करती है उसके मुँह में? ले, चीनी खा। ये सुख है। यह जीवन जीने की हमारी आम विधि रहती है। हमें सुख चाहिए ही इसीलिए होता है क्योंकि हम दुख में हैं। पर हम यह नहीं करते कि दुख के कारणों को ही समझ लें। जब दुख हो तो सुख की तरफ़ भागने की अपेक्षा दुख के कारणों की तरफ़ भागो, दुख के भीतर की ओर भागो। और वहाँ पता चलेगा दुख किसलिए है। पता चलते ही दुख घटना शुरू हो जाएगा। तुमने कुछ करा नहीं; तुमने सिर्फ़ जाना और जानने भर से दुख मिट गया।
आतंकवादी कैसे पैदा होते हैं?
आतंकवादी कैसे पैदा होते हैं?
30 min
हम अपनी देह के साथ डर लेकर पैदा होते हैं। चूँकि हम में डरने की वृत्ति है, इसलिए समाज भी हमें डरा लेता है। डर से मान्यता आती है, और वही मान्यता आतंकवादी भी बनाती है। चेतना का धर्म आनंद की ओर जाना है। यदि किसी के भीतर यह मान्यता बैठ गई है कि कुछ लोग दुश्मन हैं और उन्हें मारकर आनंद या जन्नत मिलेगी, तो वह मारेगा। आतंकवादी भी अपनी सामाजिक व्यवस्था और धार्मिक मान्यताओं का गुलाम है। अज्ञान ही हर हिंसा का कारण है, और अज्ञान का अर्थ ही मान्यता है।
लोग हर्ट क्यों करते हैं?
लोग हर्ट क्यों करते हैं?
15 min
तुम और क्या करोगे, भीतर परेशान हो तो दूसरों को परेशान करोगे। ‘आई लव यू’ भी बोलते हो, तो तुम्हारी आँखों में आशा रहती है। और फिर जब वो उम्मीद पूरी नहीं करेगा, तो कहोगे: ‘हर्ट।’ जो भी बात है, उसको थोड़ा खुला रखना सीखिए। देना सीखो और लो भी तो उसी से, जो बिना उम्मीद के दे रहा हो तुमको।
What Is A Doctor’s Responsibility?
What Is A Doctor’s Responsibility?
21 min
As a doctor, can we limit our responsibility to the one particular body or to the set of few bodies that come to us for treatment? Or is the patient actually a representative of an entire society, an entire ecosystem? Can I really be a good doctor of the lungs, if I support a society that pollutes the environment in the name of development? So, if I'm a doctor, then health is my responsibility in the holistic sense, not just one patient.
प्यार किया नहीं जाता, बस हो जाता है?
प्यार किया नहीं जाता, बस हो जाता है?
20 min
भारत के सारे जवान लोगों का अब यही नारा है: कुछ और न आता हो हमको, हमें प्यार निभाना आता है। प्रेम हल्की बात नहीं होती है, भाई! एक तरीके से प्रेमी बनने का अर्थ होता है चिकित्सक बनना; जिससे प्रेम करते हो, तुम्हारे ऊपर उसके सुधार और स्वास्थ्य की ज़िम्मेदारी आ जाती है। प्यार ऐसी चीज़ है, जिससे बच भी नहीं सकते, लेकिन बिना पात्रता के किया, तो फिर तुम्हें कोई बचा भी नहीं सकता। करना तो पड़ेगा ही, लेकिन बिना समझ-बूझ कर करा, तो फिर वो प्यार नहीं है, वो अत्याचार है।
प्यार, मासूमियत, भोलापन - या छिपी हुई चालाकी?
प्यार, मासूमियत, भोलापन - या छिपी हुई चालाकी?
20 min
दुख रोकना है, सुख को पकड़ो; वहीं दुख छिपा हुआ है। धोखा रोकना है, भरोसे को पकड़ो; वहीं धोखा छिपा हुआ है। चोट से बचना है, तो सहलाने वालों से बचो; वहीं से चोट आने वाली है। और चालाकी से बचना है, तो अपने भोलेपन को ध्यान से देखो; वहीं चालाकी छुपी हुई है। अज्ञान से बचना है, तो अपने ज्ञान को देखो; वहीं मूर्खता बैठी हुई है। और दुश्मनों से बचना है, तो दोस्तों से बचो। लूटने से बचना है, तो इकट्ठा करने से बचो।
You Want to Save Your Child? First, Let It Hurt – Children’s Day Special
You Want to Save Your Child? First, Let It Hurt – Children’s Day Special
9 min
It’s not going to be right when the patient starts playing the doctor. We need to grow up; and having a kid, in that sense, is an opportunity. You want to be of some use to the kid, then grow up with the kid.
अतीत की कठपुतली नहीं बनना है
अतीत की कठपुतली नहीं बनना है
14 min
ये समझना होता है कि past has a way of becoming the present. जो हमारी शरीर और मन की पूरी संरचना है, इस तरह से डिज़ाइन्ड नहीं है कि ये पास्ट को पास्ट में छोड़ दे। अगर पास्ट ही प्रेज़ेंट बन रहा है तो फ्रीडम कहाँ है? अतीत की कठपुतली बनने से मुक्त होने के लिए आपको चैतन्य प्रयास करना पड़ेगा। जो लोग वो चैतन्य प्रयास नहीं कर रहे, उन्हें ये दावा करने का कोई हक़ नहीं है कि वो फ़्री लाइफ़ जी रहे हैं। मुक्ति और क्या है? जो भी कीमत देनी पड़े, दो; पर जो स्वभाव नहीं है, उसको बर्दाश्त मत करो।
भारत में हर साल 40 लाख बलात्कार? दिल दहला देने वाला सच!
भारत में हर साल 40 लाख बलात्कार? दिल दहला देने वाला सच!
47 min
जबकि ये जानी-समझी बात है कि स्मृति में जो कुछ लिखा है, उसे श्रुति-सम्मत होना चाहिए, और स्मृति अगर श्रुति का उल्लंघन कर रही है तो स्मृति को हटा दो, श्रुति की बात मानी जाएगी, क्योंकि श्रुति वो देती है जो कालातीत सत्य है। और स्मृति वो बातें कहती है जो उस समय के समाज में प्रचलित हैं। उस समय समाज में जो प्रचलित है, उन चीज़ों को माध्यम बनाकर, सहारा बनाकर, उन चीज़ों को भी सम्मान देकर किसी तरह से धर्म को अशिक्षित लोगों तक भी पहुँचा सको, इसके लिए स्मृति थी।
Rape, Social Stigma, Dependency
Rape, Social Stigma, Dependency
8 min
You know, if your husband is gone, your finances are gone. Therefore, you will guard your husband very, very strongly, very possessively. It’s not love, it’s dependence. In love, you often allow the other to fly free. But if you are acting as that possessive wife or girlfriend or whatever, that is also because you are dependent, and that is violence, is it not?
जिया नहीं जाता
जिया नहीं जाता
37 min
किस-किस की ज़िंदगी से कोई विदा हुआ है, जिसकी विदाई पर रोए थे? वो अभी भी उतना ही याद आता है जितना विदाई के चार महीने तक आता था? शरीर नहीं, तुम्हारी याद भी मिट जाएगी। तुम भी किसी को याद नहीं आने वाले, पागल। यही है भविष्य। खूबसूरत फंदों में फँसना सीखो। बस फंदा इस लायक होना चाहिए कि फँसा जाए। भगत सिंह ने भी फंदा ही तो चुना था, फंदा माने बंधन। पर वैसा बंधन चुनो तो क्या बात है! फिर उसके बाद शिकायत नहीं रह जाएगी कि ज़िंदगी रुखी है, बेरौनक है, ‘जिया नहीं जाता।’
बोध पहले आता है या प्रेम?
बोध पहले आता है या प्रेम?
23 min
प्रेम ऐसी चीज़ है जो बोध के पहले भी चाहिए और बोध के बाद भी आती है। बोध से पहले कौन-सा प्रेम चाहिए? मैं जो उच्चतम और सुंदरतम हो सकता हूँ, वो मुझे होना है; ये है आंतरिक प्रेम, परम प्रेम। परम प्रेम कहता है, बोध होना चाहिए और जब बोध होता है, तो फिर उसके होने से आप जान जाते हो कि दुनिया में आपके प्यार के लायक कौन-सा विषय है। तो सबसे पहले परम प्रेम, फिर बोध और फिर साधारण सांसारिक प्रेम।
कोई भी आपकी उम्मीदों के हिसाब से नहीं चलेगा
कोई भी आपकी उम्मीदों के हिसाब से नहीं चलेगा
20 min
हम सोचते हैं, हमारी जैसी चाहत है, ये सामने वाला व्यक्ति वैसा व्यवहार करे। वो आपकी चाहत के हिसाब से नहीं चलने वाला। आप चाहते रहो कुछ भी, कुछ भी चाहते रहो। एक ही बार में टूट जाने दो न दिल को, जग की मरनी क्यों मरे दिन में सौ-सौ बार। किसी को कुछ देना चाहते हो तो दे दो, उम्मीद क्यों कर रहे हो? और जहाँ आप सचमुच चाहते हो कि बदल जाए बंदा, अब लग गया है दिल, है कोई बात, नहीं छोड़ सकते ये कहकर कि जैसा पहले था, आगे भी वैसा ही रहेगा। जहाँ पर ये आपने रुख ले लिया हो, वहाँ पर साधन बस एक है। क्या? अध्यात्म।
दलित महिला कब तक अतीत की कैद में रहेगी?
दलित महिला कब तक अतीत की कैद में रहेगी?
23 min
इससे बड़ी विडम्बना नहीं हो सकती कि जिस ज़मीन पर ‘अहम् ब्रह्मास्मि’ उच्चारित हुआ, उस ज़मीन पर जाति और लिंग आधारित इतनी क्रूरता चली। कोई दलित महिला अतीत से बंध कर रहे, इससे ज़्यादा ताज्जुब की बात नहीं हो सकती। आपके लिए अतीत में रूढ़ियों और बंधनों के अलावा है क्या? उनसे आपको कुछ नहीं मिलने वाला। जितना उनका मुँह देखोगे, उतना आपका दिल टूटेगा। अपने आपको सही ज़मीन और सही आसमान दीजिए। अतीत को तोड़कर उड़ जाओ, इसके अलावा कोई रास्ता नहीं है।
सच्चा गुरु मिलता क्यों नहीं?
सच्चा गुरु मिलता क्यों नहीं?
24 min
जो भीतर के अंधेरे को हटा सके उसके लिए नाम दिया गया गुरु। गुरु शब्द का इतना महत्त्व है कि सिखों ने मंदिर को नाम दिया गुरुद्वारा। गुरु नानक साहब उच्चतम कोटि के और असली गुरु हैं, पर कितने लोग हैं जो वास्तव में गुरु नानक साहब के जीवन पर और उनकी सीख पर चल रहे हैं? जो एक से बढ़कर एक अंधविश्वास के विक्रेता हैं, उनको हमने नाम दे दिया गुरु का। आपकी उच्चतम संभावना को जो अभिव्यक्ति देने में मदद कर सके, उसका नाम गुरु है। बहुत खोजें, बहुत संदेह से भरे रहें, परीक्षण करें, यूँ ही किसी को गुरु मत बना लीजिए।
अतीत की यादें और भविष्य का डर
अतीत की यादें और भविष्य का डर
6 min
ये मत कहिए कि पीछे से कुछ आ जाता है और आपको ले जाता है। जो सामने है, आप अपने आप को उससे बचा लेते हो। अगर आपने अपने आप को पूरा-पूरा जीवन को सौंप दिया होता, तो फिर कुछ बचता ही नहीं, जिसको भूत या भविष्य ले जाए। 'लैक ऑफ इंटरेस्ट' चाहिए और वो तब होता है, जब सामने कुछ होता है जो आपका पूरा अटेंशन ले ले। ज़िंदगी में जो ज़रूरी है, उसको स्वीकार करिए और उसमें कूद जाइए, फिर इधर-उधर की झंझटें ख़ुद ही याद आनी बंद हो जाएँगी।
सब मोह-माया है
सब मोह-माया है
9 min
जब 'मोह-माया' कहते हैं, तो मोह से आशय होता है कि भीतर एकदम कोहरा फैल गया है, और माया से आशय होता है कि बाहर अब कुछ साफ़ दिखाई नहीं दे रहा। मोह माने जादू, जैसे किसी ने आपकी बुद्धि पर पर्दा डाल दिया हो। और जब बाहर सब धुंधला दिखाई देने लगता है, तो उसको कहते हैं — माया। आमतौर पर बाहरी चीज़ों को माया माना गया है, इसीलिए भीतर वाली माया को मोह कह दिया गया; नहीं तो मोह भी माया ही है।
Something is hiding behind the smoke, and we're missing it
Something is hiding behind the smoke, and we're missing it
10 min
The biggest problem is when we succeed in these little acts of charity, goodness, kindness. Had you succeeded in somehow persuading the kids away, you wouldn’t even have raised this question, and a self-awarded sense of morality and righteousness would have held you high. That’s the whole problem. When you said the kids wouldn’t go away because it is a festival and it is crackers, then do we really understand why the kids wouldn’t go away?
समलैंगिकता पर विशेष बातचीत
समलैंगिकता पर विशेष बातचीत
17 min
ये जो पूरा मुद्दा ही है, ये कोई बहुत ऊँचे तल का नहीं है। रिश्ता कैसा भी हो, समाज को स्वीकार हो, नैतिक हो, अनैतिक हो, पता नहीं कैसा है। सवाल ये है कि आप जिसकी ओर जा रहे हो, वो इंसान आपको क्या देने वाला है? ऊँचाई देने वाला है?
आसमान चाहिए तो पिंजरे से नफ़रत करना सीखो!
आसमान चाहिए तो पिंजरे से नफ़रत करना सीखो!
10 min
आकाश से कोई प्रत्यक्ष प्रेम नहीं कर सकता। आकाश से प्रेम है कि नहीं, वो बस इसी से पता चलेगा कि पिंजरे को देखकर आग उठती है कि नहीं, पिंजरे के प्रति विरोध, विद्रोह उठता है कि नहीं। वही प्रेम का सूचक है।
एडिक्शन छोड़ना मुश्किल क्यों?
एडिक्शन छोड़ना मुश्किल क्यों?
7 min
शराब पीने से, मूवी देखने से, कोई भी एंटरटेनमेंट से क्या होता है? आप थोड़ी देर के लिए सब भूल जाते हो, यही तो होता है। इसका मतलब आपके पास कुछ है भूलने लायक, अपनी ज़िंदगी बर्दाश्त नहीं हो रही। जब तक आप व्यक्तित्व और पूरे माहौल को ही नहीं बदलोगे, तब तक जो भी लत लगी हुई है, वो लगी रहेगी। कोई आपका बहुत-बहुत गहरे आनंद का क्षण हो, उसमें आप बेहोश होना चाहोगे क्या? उसमें तो आप नींद को भी भगा देते हो, भगाते हो कि नहीं?
प्रेमी वही, जो डटा रहे
प्रेमी वही, जो डटा रहे
14 min
हम अपने आप को बहाना दिए रहते हैं कि अगर मेरे जीवन में प्रेम नहीं है, तो इसलिए नहीं है क्योंकि कठिन है। संगति ऐसों की करिए, जिनकी ज़िंदगी में प्रेम हो, वो आपसे आपके बहाने छीन लेंगे। संगति इसीलिए बहुत बड़ी चीज़ होती है। सौ लोग मिलकर जो सिद्ध कर रहे हैं कि प्रेम असंभव है, इन सौ लोगों की बात को एक दूसरा उदाहरण, एक विपरीत उदाहरण काट सकता है, उसकी खोज करनी चाहिए। और ये सौ उस एक से बहुत घबराएँगे, क्योंकि एक करोड़ लोगों के झूठ को एक आदमी का सच काट सकता है।