
✍🏻 पोस्ट 4 | 10 सितंबर '26 💭 विषय — फ़िल्में/गीत/पुस्तकें/कला ───────── 🎭 पहचान बचाते-बचाते, हम क्या खो देते हैं? प्रेमचंद जी की कहानी ‘सद्गति’ दुखी नाम के एक गरीब चमार की कहानी है, जो अपनी बेटी की सगाई के लिए शुभ मुहूर्त निकलवाने पंडित घासी राम के घर जाता है। दुखी जानता है कि पंडित बिना कुछ लिए मुहूर्त नहीं बताएगा। इसलिए वह खाली हाथ नहीं पहुँचता। वह घास का एक गट्ठर लेकर आता है। लेकिन मुहूर्त निकलवाने से पहले उससे काम करवाया जा…












































