
Sanjana Singh
जो जाति प्रथा समाज ने बनाया कोन ऊंचा कोन नीचा जाति का होगा और इस आधार पे ऊंची जाति का अपने को मानने वाला इंशान छोटी जाति के लोगो को हिन भावना से देखता उनके साथ उठना बेथना खाना खाना उनके लिए कोई श्राप हो एसा मानता है जबकी ये सब कुछ नहीं होता इंसानियत सबसे बड़ी है इसकी जगह ये रुढ़िवादी विचार नहीं ले सकते |















