
✍🏻 पोस्ट 8 | 13 अक्टूबर '26 💭 विषय — मानव उत्कृष्टता ────────── 💥 गद्दार को मारकर खुद फंदे पर झूले क्रांतिकारी सत्येंद्रनाथ बोस 📜 1908 के कुख्यात अलीपुर बम कांड में जब श्री अरविन्द और उनके क्रांतिकारी साथी जेल में बंद थे, तब उनके अपने ही एक साथी नरेंद्रनाथ गोस्वामी (नरेन गोसाईं) ने पीठ में छुरा घोंप दिया। उसने सरकारी गवाह बनकर ब्रिटिश हुकूमत के सामने अपने सारे साथियों के नाम और योजनाएँ उगलना शुरू कर दिया, जिससे दर्जनों देशभक्तों को फांसी…

























