Back to Acharya Prashant websiteAP Community
Live now
Exclusive SessionLive now

Explore Topics

Talking Mirror
Daily Activity
Vidya Avidya
Moony Nights
AP Live!
Kurukshetra
HIDP
Work at PAF
Event Gallery
Women Empowerment
World Philosophy
Indian Current Affairs
Movies/Songs/ Books/Art
Login to see your profileLogin
My communityHindi
My library
My video series

Upcoming events

See all
Delhi NCR

Acharya Prashant in Delhi NCR, this October and November

Exam
Donate
Indian Philosophy
Psychology
Science
Testimonials
Parenting
Environment And Climate
Poems
Lokdharma
History
Economics/ Business
Human Excellence
Global Current Affairs
Technology/AI
Sports
Digital Surveillance
Quotes
October 17, 09 AM
Dussehra Mahotsav - Day 1
October 18, 09 AM
Dussehra Mahotsav - Day 2
October 24, 09 AM
Weekend With Master Day 1
October 25, 09 AM
Weekend With Master Day 2

Curated videos for you

AP Community

अपना अवलोकन लिखें
CHIRAG GORDHAN

💪 सीखने की कोई उम्र नहीं होती! 🔥 मेरी मम्मी की उम्र लगभग 50 साल है। उन्होंने करीब 6 महीने पहले जिम जाना शुरू किया था। बीच में पैर में चोट लगी, तो सिलसिला टूट गया। लेकिन अभी जब मैं घर आया, तो हमने साथ में जिम जाना शुरू किया। 🏋️‍♀️❤️ पहले ही दिन उन्होंने कहा, "तू मुझे पूरे हफ़्ते का शेड्यूल बनाकर दे दे। मैं अगले 2-3 महीने वही फॉलो करूँगी। तू सिखाएगा, तो मैं अच्छे से सीख पाऊँगी।" 💯 मैं पहले जिम ट्रेनर रह चुका हूँ और प्रोफेशनल पावरलिफ्टर भी। मैंने…

39
पूर्णांश

सबके भीतर ऊंचाई की प्यास बेहतर होने का ईमानदार प्रयास। इस WEEKEND की HIDP – एक तीर्थ की तरह... -------- जहाँ सही संगति मिल जाए वही जगह तीरथ है ~ आचार्य जी🙏🙏

Mamatha Basappa

बुल्ला की जाणा मैं कौण - Sant Sarita 11.10/2026 ना मैं विच पलीती पाकी – I am neither Dharmi (auspicious) nor Adharmi (inauspicious) because, for me, both are objects (concepts). I place them in a category based on my belief. I am the umbrella of falseness. Whatever I categorize as false or true is just false. Anything I touch becomes inauspicious. Dharm is meant to reduce my selfishness; instead, I wear it like armor after distorting its me…

1
Tejaswini Nayak

⚠️ Yes, you! You can be great but only when you see that you are not. 👀 You are unbreakable but only when you see that you are very fragile. 🪞 You are invincible but only when you see that you are defeated daily. 🌊 You are extremely beautiful but only when you see that you are so ugly. 🦢 ~ Acharya Ji 🌌 • • • मैं, मेरी दो बहनें और माँ; हम चारों Gym जाते हैं। माँ अपने शादी के बाद साड़ी के सिवा कुछ पहनती ही नहीं थीं। *"लोग क्य…

29
Vidya-Avidya

✍️ पोस्ट 14 | 12 अक्टूबर '26 💭 विषय — लोकधर्म ────────── 🤔 दुनिया का अनोखा समारोह: सबसे मोटा पुरुष कौन? 🌍 क्या आप जानते हैं कि इथियोपिया के बोदी लोगों में वजन बढ़ाना धन-संपत्ति, ताकत और प्रतिष्ठा का प्रतीक माना जाता है? 🎉 हर साल जून के आसपास, बोदी समुदाय काएल नामक एक पारंपरिक समारोह मनाता है, जो उनके नववर्ष का भी प्रतीक है। अलग-अलग कुलों के अविवाहित युवा पुरुष साल के सबसे मोटे पुरुष का खिताब जीतने के लिए प्रतिस्पर्धा करते हैं। ❓ *यह कै…

25
Akash kantilal pawar

अहंकार करेगा बोहत कुछ भौतिक और वैचारिक स्तर पर, लेकीन अगर शुरुवात से आख़िर तक हर पल उसे देखना 👀 सहजता से होने लगे तो! बोहत सहज हो जाता है अहंकार को समझना , हाँ लेकिन बिल्कुल ये होता है,बार बार होता है, स्वार्थ के चलते यह देखने की प्रक्रिया खंडित होती है, फिर अहंकार ही अहंकार, स्वतः को देखने लगता है । प्रेम जो हो गया है । देखो सब तो बोल दिया ,दोहा भी गा दिया ,अभी पोस्ट भी करूँगा लेकिन यह भी अहंकार से ही संचालित हो रहा है, अहंकार तो रहेगा बस देख…

2
Siddhant Mahato

"Bullah Ki Jana Main Kaun" Who am I? The ultimate question of life!

1
Siddharth Mangrulkar

ये पोस्ट लिखने से पहले बहुत सोच रहा था की लिखूँ या नहीं। ऐसा लग रहा था की क्या जरूरत है लिखने की। पर नहीं, जबतक अपने अंदर की बात नहीं लिखूँगा तब तक में अपने अतीत को भुला नहीं पाऊँगा और उसी मैं फँसा रह जाऊँगा। 6 साल पहले जो मैं था और आज जो हूँ, सच मैं सोच भी नहीं सकता की अगर आचार्य जी मेरे जीवन मैं नहीं आते, तो आज मैं क्या कर रहा होता। साल 2020 में मैंने अपने पापा को खोया और उसी समय COVID शुरू हुआ, जिसके वजह से कम से कम 1.5 से 2 साल मैंने घर में…

43
Vidya-Avidya

✍️ पोस्ट 4 | 12 अक्टूबर '26 💭 विषय — मानव उत्कृष्टता ────────── ⚖️ क्या हम जी रहे हैं, या सिर्फ अपने डर की पहरेदारी कर रहे हैं? 📜 अक्टूबर 1942 में सिंध के सक्कर में ब्रिटिश सैन्य ट्रेन की पटरियाँ खोलने के आरोप में 19 वर्षीय छात्र हेमू कालाणी को गिरफ्तार किया गया। अदालत ने सीधे फांसी की सज़ा सुना दी। पिता ने रोते हुए अंग्रेजों से यहाँ तक कह दिया "मेरे मासूम बेटे को बख्श दो, उसकी जगह मुझे फांसी पर चढ़ा दो।" माँ ने गिड़गिड़ाते हुए दया…

78
Vidya-Avidya

✍🏻 पोस्ट 6 | 12 अक्टूबर '26 💭 विषय — फिल्में/गीत/पुस्तकें/कला ───────────── 🎨 जब आकृतियाँ एक-दूसरे का रूप लेने लगती हैं! 👁️ एक चित्र में पक्षी दिखाई देते हैं, लेकिन कुछ देर देखने पर उन्हीं के बीच मछलियाँ उभरने लगती हैं। न कोई नई आकृति जुड़ती है, न चित्र बदलता है। बस, नज़र एक रूप से दूसरे रूप की ओर जाती है। यह डच कलाकार M. C. Escher की कला की विशेषता है, जहाँ एक ही चित्र हमारी आँखों के सामने कई रूप प्रस्तुत करता है। ✍️ *Escher की प्रसि…

36
Sejal

तुम दो नहीं हो। कोर्ट पर, हाथों में कोई वाद्ययंत्र लिए हुए, काम पर और लोगों के बीच, तुम वही एक व्यक्ति हो। तो फिर हम एक बँटे हुए व्यक्तित्व को बनाए रखना कैसे स्वीकार कर सकते हैं? हम जीवन के अलग-अलग हिस्सों के लिए अपने अलग-अलग रूप कैसे रख सकते हैं? कोर्ट पर एक अलग 'मैं', काम पर दूसरा, रिश्तों में तीसरा, और जब हम गीता के साथ बैठें तो कोई और 'मैं' क्यों होना चाहिए? तुम दो नहीं हो। कोर्ट पर, हाथों में कोई वाद्ययंत्र लिए हुए, काम पर और लोगों के ब…

10
MANSI BUTOLA

वैसे जहाँ हम bookstall लगते हैं, वहाँ भजन गाने का मौका कभी नहीं छोड़ते जहाँ एक तरफ़ सारे लोग बॉलीवुड के छिछोरे गाने और तामसिक कविता पर झूम रहे थे, गीता प्रतिभागियों ने कबीर साहेब और बाबा बुल्लेशाह जी के भजन गाये। यहाँ जर्मनी में भारत से लोगों को बॉलीवुड, खाना और योगासन ही याद आता है। थोड़ा इस soch पर question करने की कोशिश कर रहे है - इसके अलावा भी कुछ है- आचार्य जी की शिक्षाओं को बुकस्टॉल के माध्यम से पहुचने के ज़रिए। The starting 10 second…

6
Pooja Devi Gavel

आचार्य जी 🙏🏻 कल हमारा कंसोलिडेशन सेशन था। मैं बहुत डरी हुई थी, क्योंकि यह मेरा पहला प्रेजेंटेशन था। लेकिन वहाँ जब भी कुछ पूछा गया, मैंने खुलकर अपनी बात रखी। 😸 यह मेरे लिए भी अप्रत्याशित था, क्योंकि मैंने खुद से ऐसी उम्मीद नहीं की थी। हाँ, मेरी बारी सबसे अंत में आई, इसलिए मुझे सब कुछ सिर्फ़ 5 मिनट में समेटना था और मैं ज़्यादा नहीं बोल पाई। लेकिन सबसे अच्छी बात यह रही कि जिस डर को लेकर मैं वहाँ गई थी, वह मेरे व्यवहार में दिखाई नहीं दिया। सेशन के…

3
Vidya-Avidya

✍🏻 पोस्ट 17 | 11 अक्टूबर '26 💭 विषय — पर्यावरण और जलवायु ────────────── 🌊 नेपाल की बाढ़: त्रासदी दोहराती है, हम क्या सीखते हैं? 📍 11 अक्टूबर 2026 की सुबह नेपाल के गोरखा जिले में बुढ़ी गंडकी नदी में अचानक बाढ़ आई। नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा और कुछ ही समय में घरों, पुलों और बुनियादी ढाँचे को भारी नुकसान पहुँचा। 🔸 शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, करीब 35 से 40 घर बह गए। 🔸 कई पुल क्षतिग्रस्त हुए और निर्माणाधीन जलविद्युत परियोजना के शिविर को भी…

42
Vidya-Avidya

✍🏻 पोस्ट 1 | 12 अक्टूबर 2026 🌍 विषय — ग्लोबल करंट अफेयर्स ━━━━━━━━━━━ 🤔 आज काबुल में एक भी लड़की को आज़ादी क्यों नहीं? एक युवती का यह दर्द सिर्फ़ एक लड़की की कहानी नहीं है। यह उस समाज की तस्वीर है, जहाँ एक इंसान का भविष्य उसके महिला होने से तय किया जा रहा है। 📌 आख़िर अफ़ग़ानिस्तान में ऐसा क्या हो रहा है? 15 अगस्त 2021 को तालिबान के सत्ता में लौटने के बाद महिलाओं और लड़कियों के अधिकारों पर लगातार प्रतिबंध लगाए गए। 📊 *संयुक्त राष्ट्र क…

62
Priya

After coming into contact with Acharya Ji, my perspective on life and appearance has changed completely. Earlier, I used to dress up and wear makeup without questioning why, simply following what society had taught me. But now, I understand how women are often conditioned to make themselves attractive to please and impress others, reducing themselves to objects of attraction. Acharya Ji’s teachings have taught me to question these beliefs and…

2
Sarvesh Chaturvedi

🏸 सभी खिलाड़ी आचार्य जी की संगति की ओर बढ़ रहे हैं, क्योंकि उन्हें भी पता लगने लगा है कि गीता सबको सुधार रही है। निष्काम कर्म की बात खिलाड़ी स्वीकार कर रहे हैं। इसी क्रम में सॉफ्ट टेनिस खिलाड़ी जय मीणा आए और उन्होंने बताया कि जब भी किसी की उम्मीद पूरी करने के लिए खेलने उतरा, हार गया। आचार्य जी से सवाल: क्यों होता है ऐसा जय मीणा का सवाल? चल रहे सत्र से 🙏 सत्र जारी है

Devshri Patel

This is my first time seeing a boxing ring in real life! 🥊 I always thought of learning karate or boxing but never got around to it. I’ve played matches in throwball, and I still love the game! Now, I’m trying to explore and experience other sports too. ✨ Thank you Acharya Ji

2
SHILPA SHARMA

Hamburg book stall Bhajan तेरा मेरा मनुआ ~ कबीर साहब मैनू कौन पैछाने ~ बाबा बुल्लेशाह

Richa

Ever since I have started listening to Acharya ji Many positive changes have come to my life. from being confused and weak , to having understanding and clarity. I have started to strengthen myself in various ways by going regularly to gym , dance class (i loved dancing and performing on stage as a kid but i don't have pictures now ) guitar classes, travelling & exploring places and reading wisdom books. i have also started learning scooty r…

पूर्णांश

SUNDAY WITH HIDP GROUP DISCUSSION शुरू... 🏆🏆🏆🏆🏆🏆🏆

Vidya-Avidya

✍🏻 पोस्ट 3 | 11 अक्टूबर '26 💭 विषय — पर्यावरण और जलवायु ───────── 🌍 जलवायु संकट से बड़ा ख़र्च, उससे निपटने में देरी! 🤔 कल्पना कीजिए, दो देशों के सामने दो ख़तरे हैं। एक तरफ़ युद्ध और रक्षा का ख़र्च है, तो दूसरी तरफ़ जलवायु परिवर्तन से आने वाली आपदाएँ। दोनों से निपटने के लिए पैसा चाहिए, लेकिन क्या हम संकट आने से पहले तैयारी करने पर उतना ख़र्च करते हैं, जितना संकट आने के बाद उसकी भरपाई में करना पड़ता है? 🌏 अक्टूबर 2026 में फ़िजी क…

48
RISHABH MISHRA

When i last attended session in person in Goa on Janmashtami , in Q& A session, there was an instance where a guy was asking question formally related to Nepal flood. Acharya ji at that time pointed him out and told everyone be frank and free and your pain or emotions related to issue should be connecting to audience. He even played a video of interview where he showed how outside world is operating and how gita community students when they are…

1
Rani kumari

प्रणाम आचार्य जी 🙏❤️ आचार्य जी, पाँच साल बाद मैंने स्कूटी चलाई। पाँच साल पहले हुए एक्सीडेंट के बाद मेरे मन में इतना डर बैठ गया था कि दोबारा स्कूटी चलाने की हिम्मत नहीं हुई। बार-बार लगता था, फिर गिर गई तो? चोट लग गई तो? इस डर ने मेरे पाँच साल मुझसे छीन लिए। लेकिन आपको सुनने के बाद कल मैंने फिर स्कूटी चलाई। डर के साथ आनंद भी था। लगा, मैं स्कूटी नहीं, अपने भीतर बैठे डर को चुनौती दे रही हूँ। तब समझ आया कि हम वास्तविक परिस्थितियों से कम और मन की ब…

31
Vineeta Malik

नमस्ते आचार्य जी, कल ये दोनों पेंटिंग्स एक साथ बनी, और मजेदार बात क्या हुई वो आपको पता है। अभी तक की समझ मैं हूं यह ही सबसे पहली और गहरी मान्यता है। मेरा होना बस जानते रहना, कि जो जानने कि कोशिश कर रहा है, वो भी है नहीं, प्रतीत हो रहा है। ओरिजिन कहां है? न शुरू हो रहा, न अंत हो रहा, ना अभी है, बस जो भी प्रतीत हो रहा " वो बेगानी शादी में अब्दुल्ला दीवाना है" 🤣🤣🤣 देह धरे का दंड है। जितनी मैं कम, उतने आप ज्यादा, यह जाना जा रहा है।😄🙏

1
Unlock access to AP Community
Unlock access to Session Recordings
Join Now
If you are already enrolled, Login Now