
Parmeshwari
हाँ समाज ही हमें पहचान देता है, और उसी पहचान और स्वभाव को बचाने के लिए हम अक्सर दूसरे व्यक्ति विशेष के साथ गलत कर देते हैं।और हमारा अहंकार उसे मानने भी नहीं देता, कि हम अपनी छवि बचाने के लिए दूसरों को किन परस्थितियों तक ले आते हैं। जहां की उनकी जिंदगी की भी कोई मूल्य नहीं रह जाता ।















