
काम वो चुना जिसके लिए पैसे देकर काम कर सको । ~ आचार्य जी

काम वो चुना जिसके लिए पैसे देकर काम कर सको । ~ आचार्य जी

"अहं ब्रह्मास्मि" — नहीं। पहले ईमानदारी से कहो- "अहं झुन्नास्मि।" 💩 जब तक अहंकार फूला हुआ है, तब तक "अहं ब्रह्मास्मि" केवल शब्द हैं, सत्य नहीं। ब्रह्म होने का दावा करने से पहले, अपने भीतर के झुन्नू को पहचानना ज़रूरी है। 🍁 ~ आचार्य जी ( चल रहे सत्र से )

दुधारू गाय को कोई भी बाँध लेता है । खासकर तब जब सींग न मारती हो । खासकर तब जब साथ-साथ बछड़वा भी चल रहा हो सींग मारना और दुलत्ती मारना सीख लो।। ~आचार्य जी ❤️

✍🏻 पोस्ट 13 | 8 जुलाई'26 💭 विषय — अर्थशास्त्र/व्यापार ────────── 💵 फ्री राइडिंग का खर्चा 🌊 एक गाँव में हर वर्ष बाढ़ आने का भारी खतरा रहता था। गाँव के बुज़ुर्गों ने निर्णय लिया कि बाढ़ से बचाव के लिए एक बाँध बनाया जाए। इसके लिए प्रत्येक व्यक्ति से ₹100 का योगदान माँगा गया। गाँव के 90 लोगों ने योगदान दिया, लेकिन 10 लोगों ने कुछ भी नहीं दिया। फिर भी बाँध बन गया। पूरा गाँव सुरक्षित हो गया और जिन्होंने एक रुपया भी नहीं दिया था, उन्हें भी बाढ… Read more

Rishikesh session reflection- थोड़ा late reflection लिख रही हूं क्योंकि अभी भी travelling कर रही हूं। मैं चेन्नई में रहती हूं। ऋषिकेश में सत्र से 1 हफ्ते पहले तक पता भी नहीं था कि यहां आउंगी। सत्र से 2 दिन पहले ही मैं ऋषिकेश पहुंच गयी। Volunteering का form पहले ही भर दिया था। PAF team से मिली, काम assign हुआ। जिंदगी में पहली बार रातें बस 1 घंटा या सोई ही नहीं एसे गुजरीं। पर एक बात कहूं शरीर थक गया था। इतना थका कि मैं खड़ी भी नहीं हो पा रह… Read more

Who am I? I am the role I choose to play ~Acharya ji क्यूट क्यूट ☺️☺️के टैग के नीचे दबकर कब मै खुदको इतनी नाजुक समझने लगे पता ही नहीं चला।😓पहले भी कई बार कुछ महीनों तक जिम स्टार्ट करने की कोशिश करी पर एक काम की तरह लगता था। ऐसा लगता था जैसे किसी और को, दुनिया के नजर में जो आइडल दिखना होता है उसके लिए क्यों ही जाना है उससे अच्छा नहीं जाती। बीच बीच में स्किप कर दिया करती थी। दूसरों के नजर में ये गीता प्रतिभागी के नाते एक कमजोरी भी है कि हम किसी… Read more

🌟 कोलंबिया के जलवायु सम्मेलन में जीवाश्म ईंधन से दूर जाने के लिए वित्तपोषण की कमी पर प्रकाश डाला गया। 🌍 जब कोई समस्या बार-बार लौटती है, तो एक बार यह भी पूछना ज़रूरी है क्या हम सच में जड़ देख रहे हैं, या सिर्फ वह देख रहे हैं जो देखना आसान है? 🌱 क्या हुआ सांता मार्टा में? अप्रैल 2026 में कोलंबिया के सांता मार्टा में 50 से अधिक देश जुटे कोयला, तेल और गैस से बाहर निकलने का रोडमैप बनाने के लिए: 🔅1,500 से अधिक नागरिक समाज के प्रतिनिधि शामिल ह… Read more

ऋषिकेश में आचार्य जी संग भव्य शिविर: बोध का एक अनूठा उत्सव ऋषिकेश में आत्मज्ञान का एक अभूतपूर्व उत्सव देखने को मिला, जब तीन वर्षों के अंतराल के बाद आचार्य जी का दो-दिवसीय शिविर (25-26 अप्रैल) उत्साह के साथ सम्पन्न हुआ। देश-विदेश से बड़ी संख्या में लोग स्वतंत्रानंद आश्रम पहुँचे, जबकि ऑनलाइन लाखों दर्शकों ने भी इन सत्रों में भागीदारी की- यह इसकी वैश्विक अपील को दर्शाता है। प्रातः 4:30 बजे के सत्रों में उमड़ी भीड़, गंगा तट पर संत कबीर के भजनों क… Read more

29 जनवरी को लखनऊ के बी. आर. अम्बेडकर सभागार में आचार्य जी का विशेष सत्र शहर के लिए एक अविस्मरणीय अनुभव बन गया। लंबे समय बाद हुए इस सार्वजनिक संवाद के लिए ऐसा उत्साह उमड़ा कि सभागार समय से पहले ही पूरी तरह भर गया- बैठने तक की जगह नहीं बची। वातावरण जिज्ञासा, ऊर्जा और गहरी ग्रहणशीलता से भरा हुआ था; यहाँ तक कि विशिष्ट अतिथि भी बिना संकोच ज़मीन पर बैठकर सत्र का हिस्सा बने। एक मार्मिक क्षण तब आया जब आचार्य जी के आग्रह पर एक छोटी बच्ची ने भजन प्रस्तुत क… Read more

IIT कानपुर में 30 जनवरी की शाम एक यादगार अनुभव बन गई जब आचार्य जी के सत्र ने पूरे परिसर को ऊर्जा और उत्साह से भर दिया। नौ प्रतिष्ठित IITs में लगातार संवादों की ऐतिहासिक श्रृंखला को आगे बढ़ाते हुए आचार्य प्रशांत के आगमन पर सभागार खचाखच भरा रहा- बैठने तक की जगह नहीं बची थी। केवल छात्र ही नहीं, बल्कि शिक्षक और कर्मचारी भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सत्र के बाद का दृश्य भी उतना ही उत्साहपूर्ण था, जब बड़ी संख्या में छात्र उनसे मिलने और अपनी पुस्तकें… Read more

6 फ़रवरी को आयोजित 14वें दिल्ली साहित्य महोत्सव में आचार्य जी और वरिष्ठ संपादक राणा यशवंत के बीच हुआ विशेष संवाद गहरी विचारशीलता और तीक्ष्ण प्रश्नों का संगम बना। कड़ाके की ठंड के बावजूद, कार्यक्रम की शुरुआत से ही एम्फीथिएटर में बड़ी संख्या में लोगों- खासतौर पर युवाओं- की उत्साहपूर्ण उपस्थिति ने माहौल को जीवंत कर दिया। राणा यशवंत ने ऐसे सवाल रखे जो हर व्यक्ति को अपने जीवन से जुड़े लगे। आचार्य जी ने आधुनिक मनुष्य की दिशाहीनता पर सीधी, बेबाक और असहज… Read more

गोवा साहित्य महोत्सव 2026 में आचार्य जी का प्रभावशाली संवाद ✨ 8 फ़रवरी की शाम गोवा साहित्य महोत्सव 2026 में आचार्य जी के मंच संभालते ही पूरा खुला सभास्थल तालियों की गड़गड़ाहट से गूँज उठा- निर्धारित समय से पहले ही उमड़ी भीड़ इस बात का प्रमाण थी कि श्रोता इस संवाद का कितनी उत्सुकता से इंतज़ार कर रहे थे। ABP के एक वरिष्ठ पत्रकार के साथ हुआ उनका तीखा और जीवंत इंटरव्यू अंत तक लोगों को बाँधे रहा, जहाँ सवाल गहरे थे और उत्तर सीधे दिल तक पहुँचने वाले।… Read more

IIIT नागपुर में आचार्य जी का प्रभावशाली संवाद ✨ देशभर के युवाओं के साथ अपने सतत संवाद क्रम को आगे बढ़ाते हुए आचार्य जी ने 10 अप्रैल को IIIT नागपुर में छात्रों, टीचर्स और फ़ैकल्टी के साथ एक विशेष सत्र किया। कॉलेज का विशाल एम्फीथिएटर उत्सुक छात्रों से भरा रहा- जो उनके विचारों की प्रासंगिकता और बढ़ते प्रभाव का सशक्त प्रमाण है। संबंधों, करियर और जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्नों पर छात्रों के साथ हुई खुली बातचीत में आचार्य जी ने गहराई और स्पष्टता… Read more

Relation with Food, study,urge to be seen & How Acharya ji showed it all is just ego’s / ignorance’s play☀️ I often see people posting their fitness routines , and that feels good to see that people are getting aware. In that moment, it becomes a mirror for me. I notice that I too feel the urge to post but then I pause and see the truth of it. What might be a challenge they are courageously conquering, for me is almost like a necessity .… Read more

संयोग की बात है कि आज आचार्य जी का जन्मदिन भी है और आज ही मुझे संस्था में काम करते हुए पूरे एक साल हो गए हैं। ❤️🔥😍🎊🙇🔥🪖 मैं संस्था के IT विभाग में काम करता हूँ। इस एक साल की छोटी-सी अवधि में ही मुझे यहां बहुत कुछ मिला है। उसी से अवलोकन के रूप में कुछ बातें आपसे साझा करना चाहता हूँ। संस्था में आने से पहले मेरे मन में कई तरह के प्रश्न उठते रहते थे। संस्था और यहां के काम को लेकर एक छवि थी। वो टूटी है और अब शायद मैं थोड़ी बेहतर स्थिति में हूँ क… Read more

आचार्य जी की शिक्षाएँ मेरे जीवन में आने से पहले मेरा जीवन तनाव, उदासी, चिंता और भीतर की बेचैनी से भरा हुआ था। मन हमेशा उलझा रहता था और जीवन में कोई स्पष्ट दिशा नहीं दिखती थी। मैं बचपन से ही शारीरिक रूप से काफी कमजोर और दुबला-पतला रहा हूँ। इसका असर सिर्फ शरीर पर ही नहीं, बल्कि मेरी सोच पर भी पड़ रहा था। लेकिन Gita Community से जुड़ने के बाद धीरे-धीरे सब कुछ बदलने लगा। गीता सत्रों ने मेरी सोच और जीवन को देखने का नज़रिया बदल दिया। मैंने नियमित रू… Read more

आचार्य जी, प्रणाम। 🙏🙏 🌞 आचार्य जी, आज मेरा जन्मदिन है। लेकिन मेरा वास्तविक जन्म तो तब हुआ था, जब मैं गीता मिशन से जुड़ी — यानी पिछले 1.5 साल में। इन वर्षों में मैंने अपने बीते 20 सालों को देखा, जाना, समझा और बहुत सारे बंधन तोड़े। पहले ऐसा लगता था कि आचार्य जी तो बस बोल रहे हैं — बंधन तोड़ो, निकलो — लेकिन आचार्य जी को क्या पता, मेरे बंधन इतने मज़बूत हैं कि टूट नहीं रहे। फिर सत्र में निरंतर देखते-देखते, एक के बाद एक — न जाने कैसे — सारे… Read more
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