
आचार्य जी की शिक्षाएँ मेरे जीवन में आने से पहले मेरा जीवन तनाव, उदासी, चिंता और भीतर की बेचैनी से भरा हुआ था। मन हमेशा उलझा रहता था और जीवन में कोई स्पष्ट दिशा नहीं दिखती थी। मैं बचपन से ही शारीरिक रूप से काफी कमजोर और दुबला-पतला रहा हूँ। इसका असर सिर्फ शरीर पर ही नहीं, बल्कि मेरी सोच पर भी पड़ रहा था। लेकिन Gita Community से जुड़ने के बाद धीरे-धीरे सब कुछ बदलने लगा। गीता सत्रों ने मेरी सोच और जीवन को देखने का नज़रिया बदल दिया। मैंने नियमित रूप से Gym 💪🏻 जाना शुरू किया और पूरी तरह से Vegan 🌱 बन गया हूँ। आज मुझे Vegan बने हुए एक साल पूरा हो चुका है। और सच कहूँ तो, मैं पहले से ज़्यादा स्वस्थ महसूस करता हूँ। अक्सर लोग कहते हैं कि Vegan बनने से शरीर में कमी आ जाएगी। लेकिन मेरा अनुभव बिल्कुल उल्टा है। सही समझ के साथ कोई कमी नहीं रहती, बल्कि जीवन और बेहतर हो जाता है। परिणाम स्वयं बोलते हैं। मुझे गर्व है कि मैं बिना किसी पशु को कष्ट पहुँचाए अपने शरीर को स्वस्थ और फिट बना रहा हूँ। वो शरीर भी किस काम का जो किसी को हानि पहुँचाकर बना हो। शरीर वैसे चमका रहे हैं जैसे गाड़ी का खयाल रख रहे हो। अच्छी चलने की बात नहीं है, मंज़िल तक जाना है। गाड़ी बढ़िया रखनी पड़ेगी, इससे जमकर काम कराना है, इसलिए इसको खूब मरम्मत देकर रखो, वर्जिश करके रखो। मजबूत नहीं रहेगा तो काम कैसे करेगा? ~आचार्य जी 🙏🏻 If you resist pain, you get suffering. If you understand pain, you get strength. 🔥 ~आचार्य जी 🙏🏻










































