
IIIT नागपुर में आचार्य जी का प्रभावशाली संवाद ✨ देशभर के युवाओं के साथ अपने सतत संवाद क्रम को आगे बढ़ाते हुए आचार्य जी ने 10 अप्रैल को IIIT नागपुर में छात्रों, टीचर्स और फ़ैकल्टी के साथ एक विशेष सत्र किया। कॉलेज का विशाल एम्फीथिएटर उत्सुक छात्रों से भरा रहा- जो उनके विचारों की प्रासंगिकता और बढ़ते प्रभाव का सशक्त प्रमाण है। संबंधों, करियर और जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्नों पर छात्रों के साथ हुई खुली बातचीत में आचार्य जी ने गहराई और स्पष्टता से उत्तर देते हुए युवाओं को नई दृष्टि प्रदान की। रबीन्द्रनाथ टैगोर की गीतांजलि की कविताओं के माध्यम से उन्होंने जीवन के अधूरेपन को समस्याओं की जड़ बताया और स्पष्ट किया कि सच्ची स्वतंत्रता तथ्यों के सम्मान से ही संभव है। उन्होंने आध्यात्मिकता को निष्क्रियता नहीं, बल्कि सही कर्म और सही संबंध के रूप में परिभाषित किया, साथ ही यह भी कहा कि तकनीकी ज्ञान के साथ आत्म-ज्ञान का होना अत्यंत आवश्यक है। IITs, IIMs और IISc जैसे देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में हज़ारों युवाओं के साथ संवाद कर चुके आचार्य जी के ये प्रयास आज भी एक जागरूक और आत्मबोध से संपन्न समाज के निर्माण की दिशा में निरंतर जारी हैं। सत्र के विडियो आपके साथ जल्द ही साझा किए जाएंगे। 👉 इस सत्र की एल्बम अब वेबसाइट पर उपलब्ध है: https://acharyaprashant.org/en/albums/gems-of-the-world-iiit-nagpur-2026-04-10_album-746e8
































