
✍🏻 पोस्ट 23 | 17 अगस्त '26 💭 विषय — विश्व दर्शन ───────── 🕉️ श्वेतकेतु और उद्दालक की कहानी 📚 छांदोग्य उपनिषद में एक बहुत सुंदर संवाद आता है, जिसमें उद्दालक आरुणि अपने पुत्र श्वेतकेतु को ज्ञान और अहंकार के बीच का अंतर समझाते हैं। श्वेतकेतु बचपन में गुरुकुल गया। कई वर्षों तक वेदों और शास्त्रों का अध्ययन करने के बाद जब वह घर लौटा, तो उसे अपने ज्ञान पर बहुत गर्व था। 👨🏻🦳 पिता उद्दालक ने बेटे के अहंकार को देख लिया। उन्होंने पूछा:…












































