
Chhotu Kumar jha
अक्सर हम जितना जानते हैं, उसमें खुद की श्रेष्ठता घोषित करने लगते हैं, हमारे गुरु आचार्य प्रशांत कहते हैं, की जान गए जैसी कोई चीज नहीं होती है, यदि आपसे कोई यह कहता है, कि मैं जान गया हूं, तो आप समझ जाना कि वह झूठ बोल रहा है, वह अभी तक थोड़ा भी नहीं जान पाया है, क्योंकि जान गए जैसी कोई चीज नहीं होती जानते रहना होता है।🙏















