
kailash kumar
❓ जब कोई मेरी समझ, मेरी पहचान या मेरी श्रेष्ठता को चुनौती देता है, तब मेरे भीतर क्या होता है? 👉 जब कोई मेरी समझ, मेरी पहचान या मेरी श्रेष्ठता को चुनौती देता है, तब मेरे भीतर टूट- फूट होता है? 'मैं ' घटता है। होश उड़ जाता हैं।
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