
वैसे जहाँ हम bookstall लगते हैं, वहाँ भजन गाने का मौका कभी नहीं छोड़ते जहाँ एक तरफ़ सारे लोग बॉलीवुड के छिछोरे गाने और तामसिक कविता पर झूम रहे थे, गीता प्रतिभागियों ने कबीर साहेब और बाबा बुल्लेशाह जी के भजन गाये। यहाँ जर्मनी में भारत से लोगों को बॉलीवुड, खाना और योगासन ही याद आता है। थोड़ा इस soch पर question करने की कोशिश कर रहे है - इसके अलावा भी कुछ है- आचार्य जी की शिक्षाओं को बुकस्टॉल के माध्यम से पहुचने के ज़रिए। The starting 10 second…























