
Sarvesh Chaturvedi
🏸 सभी खिलाड़ी आचार्य जी की संगति की ओर बढ़ रहे हैं, क्योंकि उन्हें भी पता लगने लगा है कि गीता सबको सुधार रही है। निष्काम कर्म की बात खिलाड़ी स्वीकार कर रहे हैं। इसी क्रम में सॉफ्ट टेनिस खिलाड़ी जय मीणा आए और उन्होंने बताया कि जब भी किसी की उम्मीद पूरी करने के लिए खेलने उतरा, हार गया। आचार्य जी से सवाल: क्यों होता है ऐसा जय मीणा का सवाल? चल रहे सत्र से 🙏 सत्र जारी है















