
✍🏻 पोस्ट 2 | 6 अक्टूबर '26 💭 विषय — लोकधर्म ───────────── 🧿 किसी महिला को ‘डायन’ कह देना इतना आसान क्यों है? 👩🦱 झारखंड की छुटनी महतो को कभी ‘डायन’ कहकर प्रताड़ित किया गया था। आज वही छुटनी महतो डायन प्रथा के खिलाफ़ काम करने और महिलाओं को इससे बचाने के लिए पद्मश्री से सम्मानित हो चुकी हैं। उनकी कहानी सिर्फ़ एक महिला की कहानी नहीं, बल्कि उस सोच की कहानी है जिसमें किसी व्यक्ति को बिना प्रमाण एक डरावनी पहचान दे दी जाती है। 🪬 भारत के कई हिस्सों में बीमारी, किसी की मृत्यु, फसल खराब होना, पशुओं का मरना या परिवार में कोई अनहोनी होना जैसी घटनाओं का कारण किसी महिला को ‘डायन’ या ‘चुड़ैल’ बताकर खोजा गया है। इसके बाद शुरू होता है सामाजिक बहिष्कार, अपमान, मारपीट और कई मामलों में हत्या तक का सिलसिला। ⚠️ सवाल सिर्फ़ इतना नहीं है कि लोग ऐसी बातों पर विश्वास क्यों करते हैं। सवाल यह भी है कि ऐसी मान्यता किसी एक व्यक्ति को अचानक पूरे समुदाय की नज़र में अपराधी कैसे बना देती है? 🏚️ कई मामलों में इसके पीछे सिर्फ़ अंधविश्वास नहीं, बल्कि ज़मीन-जायदाद के विवाद, व्यक्तिगत दुश्मनी, महिलाओं को नियंत्रित करना और सामाजिक शक्ति का इस्तेमाल भी देखा गया है। यानी ‘डायन’ का ठप्पा एक ऐसी सामाजिक व्यवस्था बन जाता है जिसमें किसी महिला को कमजोर करना बहुत आसान हो जाता है। ⚖️ इसी कारण अलग-अलग राज्यों ने डायन प्रथा और ऐसी पहचान थोपने को अपराध माना है। असम के कानून में किसी व्यक्ति को ‘डायन’ बताना, बदनाम करना या ऐसा करने के लिए उकसाना भी दंडनीय है। 🧠 लेकिन कानून अंधविश्वास की जड़ तक नहीं पहुँचता। एक धारणा टूटती है, तो दूसरी धारणा उसकी जगह ले सकती है। कभी डायन, कभी टोना-टोटका, कभी किसी अदृश्य शक्ति का डर। रूप बदल जाता है, लेकिन बिना जाँचे मान लेने की आदत बनी रहती है। 🔍 असली समस्या यह नहीं कि कोई व्यक्ति कितना पढ़ा-लिखा है। समस्या यह है कि वह किन बातों को बिना तथ्य जाँचे स्वीकार कर लेता है। अंधविश्वास सिर्फ़ भूत-प्रेत या चुड़ैल को मानना नहीं है। बिना आंतरिक स्पष्टता के किसी बात को सच मान लेना भी उसी दिशा में ले जा सकता है। 🪞 इसलिए सवाल यह है कि हमारे अपने जीवन में ऐसी कौन-सी मान्यताएँ हैं जिन्हें हमने कभी जाँचा ही नहीं? क्या अंधविश्वास सिर्फ़ वही है जिसे हम अंधविश्वास कहकर पहचान लेते हैं, या हमारी अपनी कुछ पक्की धारणाएँ भी उसी का नया रूप हैं? स्रोत: https://indianexpress.com/article/explained/what-are-the-laws-on-witchcraft-in-india-8206958/ https://acharyaprashant.org/hi/books/bk-andhvishwas
















































