ध्यान का फल है भक्ति || आचार्य प्रशांत, संत कबीर पर (2014)
आचार्य प्रशांत
अहंकार और अनुशासन || आचार्य प्रशांत (2018)
प्रेम और ध्यान में क्या सम्बन्ध है? || आचार्य प्रशांत (2016)
ज्ञान इकट्ठा करके नहीं जान पाओगे || आचार्य प्रशांत, संत कबीर पर (2015)
हम डरते क्यों हैं? || आचार्य प्रशांत (2017)
गुरु ने पठाया नियामत लाना || आचार्य प्रशांत, संत कबीर पर (2014)
अहंकार को समर्पित कैसे करें? || आचार्य प्रशांत (2015)
जिसके खालीपन में झलके अनंत, उसी को शून्यवत कहो उसी को संत || आचार्य प्रशांत, संत कबीर पर (2014)
सन्यास- मूर्खता का प्रतिरोध || आचार्य प्रशांत, संत कबीर पर (2014)
जानवरों का शोषण करने की सज़ा || आचार्य प्रशांत (2017)
ग़ुलामी से ज़्यादा बड़ी ग़ुलामी आज़ादी है || आचार्य प्रशांत (2016)
मन की वृद्धि ही मन की अशुद्धि || आचार्य प्रशांत, यीशु मसीह पर (2015)
मन खुद पर शक क्यों नहीं करता? || आचार्य प्रशांत (2016)
ये वादे कभी पूरे नहीं होते || आचार्य प्रशांत, संत कबीर पर (2014)
चोट खाए अहंकार, माफ़ करे अहंकार || आचार्य प्रशांत, युवाओं के संग (2013)
कुछ ऐसा, जिसके सामने शरीर को भूल जाओ || आचार्य प्रशांत (2018)
क्षमा माने क्या? || आचार्य प्रशांत, संत कबीर पर (2015)
जीवन में मुक्ति कैसे मिले? || आचार्य प्रशांत (2013)
श्रद्धा को बचाना नहीं होता, श्रद्धा तुम्हें बचाती है || आचार्य प्रशांत (2014)
नैतिकता, धार्मिकता का भ्रामक विकल्प || आचार्य प्रशांत (2014)
स्वधर्म वही जो स्वभाव की ओर ले जाए || आचार्य प्रशांत (2014)
धोखा खाने का डर क्यों रहता है? || आचार्य प्रशांत (2018)
मन उलझी-उलझी कोशिशें करता है सुलझने के लिए || आचार्य प्रशांत (2014)
दूर रहोगे, हाल छुपाओगे, तो मुझसे क्या पाओगे? || आचार्य प्रशांत (2019)
चैतन्य मन से आगे है विशुद्ध ज्ञान || आचार्य प्रशांत (2017)
न संसारी, न सन्यासी || आचार्य प्रशांत (2013)
आनंद और सुख में अंतर || आचार्य प्रशांत (2013)
आप जिसे हृदय कहते हो, वो भी मन ही है || आचार्य प्रशांत (2016)
विविध || आचार्य प्रशांत (2019)
इंसान इतना विकृत क्यों हो जाता है? || आचार्य प्रशांत (2017)