
✍🏻 पोस्ट 15 | 29 सितंबर '26 💭 विषय — मनोविज्ञान ───────── 🌪️ आफ़त सामने हो, फिर भी नज़र क्यों नहीं आती? मान लीजिए पहाड़ से लगातार मलबा गिरने की खबरें आ रही हैं। रास्ते असुरक्षित हो चुके हैं। प्रशासन चेतावनी दे चुका है। फिर भी कोई कहता है, “अभी तो सब ठीक है। देखते हैं।” यह सिर्फ़ लापरवाही नहीं है। मनुष्य में एक प्रवृत्ति होती है जिसे नॉर्मल्सी बायस कहा जाता है। 🧠 हम अपने रोज़मर्रा के जीवन से ऐसी अपेक्षाएँ बना लेते हैं कि *चीज़ें स…













































