
क्या आप उसी सुविधाजनक जीवन में छिपे रहना चाहते हैं, या प्रेम को अभिव्यक्ति देना चाहते हैं? सुविधाजनक जीवन जीना आसान हो ता है और हर कोई याहि चहता है और जब हम सबको देख।ते है तो बात एकद म सेहज लग ने लगति है, पेहले जब मै किसी चीज का विरोध क रति तो लग ता हम ही गलत हौगे सब तो सह।ज़ है। aachrya ji को सुन्ने से साफ देख पा राहे है की सुविधा के नाम पर पिंजरे ख़ुद्द बनाए और अब देख भी पा र ही हु और सुविधा को छोड भी
















