
✍🏻 पोस्ट 22 | 5 अक्टूबर '26 💭 विषय — फिल्में/गीत/पुस्तकें/कला ───────────── 🥊 क्या सिस्टम से लड़ते-लड़ते हम खुद एक सिस्टम बन जाते हैं? 🎬 फाइट क्लब (1999) का नायक एक अनाम व्यक्ति है। उसकी नौकरी है, घर है, महँगा सामान है, लेकिन फिर भी वह लगातार असंतुष्ट और खाली महसूस करता है। उसे लगता है कि वह अपनी ज़िंदगी जी नहीं रहा, बल्कि बस एक तय तरीके से जी रहा है। 🛋️ वह अपने घर और सामान से अपनी पहचान जोड़ने लगता है। लेकिन खरीदारी और सुविधाएँ उस…














































