
Arti Gupta
❓ क्या मैं भी ऐसी नई पहचान बनाना चाहता हूँ, जिसे बनाने की चाह दरअसल मेरी पुरानी, दबी हुई पहचान की ही है? 🔍 अतीत में तो ज्यादातर मामलों में ऐसा ही होता था, जो समाज या परिवार द्वारा पहचान दी जाती थी हम अक्सर उसे ही कायम रखना चाहते है और उसी पहचान को अपनी पहचान मानते हुए अपनी जिन्दगी में शामिल करते है। लेकिन अब ऐसा कम ही होता है जैसे जैसे मान्यता और भ्रम टूटते है वैसे वैसे आप मेरे लिए पहचान की परिभाषा भी बदल रही है ।















