
✍🏻 पोस्ट 8 | 1 अक्टूबर '26 💭 विषय — पर्यावरण और जलवायु ──────────── 🧊 स्विट्ज़रलैंड के ग्लेशियरों ने एक साल में 5.5% बर्फ खो दी! स्विट्ज़रलैंड के ग्लेशियरों के लिए 2026 बेहद खराब रहा। पिछले 12 महीनों में देश की बची हुई ग्लेशियर-बर्फ का लगभग 5.5% पिघल गया। वैज्ञानिकों के अनुसार, एक साल में 2% बर्फ का नुकसान भी कभी अत्यधिक माना जाता था। इस साल नुकसान उससे लगभग तीन गुना रहा। ☀️ सर्दियों में बर्फ सामान्य से कम गिरी। मई और जून की गर्मी में बची हुई बर्फ भी तेजी से पिघल गई। जब सफेद बर्फ हटती है, तो नीचे की गहरी बर्फ खुल जाती है। वह सूर्य की ऊर्जा अधिक सोखती है और और तेजी से पिघलती है। 💧 इस गर्मी में स्विस ग्लेशियरों से लगभग 2.2 ट्रिलियन लीटर पानी पिघलकर निकला। फिलहाल यह पानी वरदान जैसा लगा। इसने गर्म और शुष्क मौसम में खेती, जलविद्युत और अन्य जल-आवश्यकताओं को सहारा दिया। लेकिन सवाल है: ❓ कल बचेगा क्या? ग्लेशियर में जमा पानी कोई नया पैदा हुआ पानी नहीं है। वह दशकों और सदियों से बर्फ के रूप में जमा हुआ पानी है। आज हम उसे इस्तेमाल कर रहे हैं क्योंकि गर्मी ने उसे पिघला दिया। लेकिन अगर ग्लेशियर लगातार छोटा होता गया, तो अगली गर्मी में वही अतिरिक्त पानी उपलब्ध नहीं होगा। 🏔️ वैज्ञानिकों को सबसे अधिक चिंता इस बात की है कि ऊँचाई वाले क्षेत्रों में भी बर्फ नहीं बच रही है। कुछ स्थानों पर 3,500 मीटर की ऊँचाई तक गर्मियों के अंत में बर्फ नहीं बची, जबकि सामान्य परिस्थितियों में सर्दियों की बर्फ ग्लेशियर को फिर से भरने में मदद करती है। यानी समस्या केवल यह नहीं कि बर्फ पिघल रही है। समस्या यह है कि ग्लेशियर को दोबारा भरने वाली बर्फ भी टिक नहीं रही। लेकिन यह केवल प्रकृति में हो रहा कोई अलग-थलग बदलाव नहीं है। इसके पीछे हमारी जीवन-शैली और उपभोग की दिशा है। 🌱 पर्यावरण का संकट केवल बाहर की व्यवस्था का संकट नहीं है। उसके पीछे आपकी आंतरिक अपूर्णता है। आप अपनी अधूरी इच्छाओं और सुख-सुविधाओं के लिए लगातार अधिक उपभोग चाहते हैं। और उसके लिए प्रकृति का दोहन करना पड़ता है। तथ्य हमें बता रहे हैं कि हमने भोग करते-करते पृथ्वी को गर्म कर दिया है, जिसका परिणाम अब दिखाई दे रहा है। अब आपसे सवाल है: ❓ ऐसे क्लाइमेट इवेंट्स की सूची बनाइए, जो पिछले महीने दुनिया भर में हुए हैं और बताइए कि उनका आपसे क्या संबंध है? स्रोत: https://www.bbc.com/news/articles/c6n9w0ypjwl9o















































