“सुविधा से कोई इतिहास नहीं लिखता।” आज रानी लक्ष्मीबाई का जन्मदिवस है. वह नाम जो पराक्रम, स्वतंत्रता और दृढ़ संकल्प का प्रतीक है. लेकिन सवाल यह है: हम उस साहस को सिर्फ मनाते हैं या अपने जीवन में जगाते भी हैं? आज का बोधकार्य इसी अंतर को देखने का अभ्यास है: 1️⃣ “मैं अकेला क्या कर लूंगा?” भीड़ कहती है: अकेले कुछ नहीं बदलता. लक्ष्मीबाई के कदम कहते हैं: एक दृढ़ व्यक्ति पूरे शासन से भिड़ सकता है. क्या आपकी अकेलेपन की शिकायत सिर्फ डर है? 2️⃣ “परिवार…












































