
Ved Prakash
1️⃣✨बिल्कुल, सिर्फ सुविधाओं के छूट जाने का डर मात्र है,, डर है अहम के टूट जाने का क्योंकि जीवन में बहुत लोगों की उपस्थिति से अहम को खुद के होने का एहसास होता है | 2️⃣✨हा,, परिवार ऐसी जगह है जहां पर जीने भर केलिए चीजे जैसे,, खाना, सोना, सेक्स ये मुफ्त मेें मिले हुए हैं और जब जीने भर का मिल ही रहा है तो आगे क्यों जाएँ कौन झंझट ले,,, इसके आगे तो प्रेम की बात है | 3️⃣✨ज्ञान और फिर प्रेम इन दोनों के बल पर साहस आ ही जाता है,, प्रेम होगा तो साहस भी होगा…















