
कुशल दीक्षित
1⃣ निर्भयता, सत्य के प्रति समर्पण जैसे लक्षमीबाई के जीवन के गुण मेरे भीतर कम हैं। 2⃣ दोनों ही चीजें मुझे रोकती हैं। 3⃣ स्वयं सत्यनिष्ठ होना, लोगों को गीता तक लाना। 4⃣ अगर मैं उसी साहस का एक प्रतीशत भी अपनाऊँ तो मैं अपने जीवन में बहुत कुछ कर सकता हूँ जो आजतक नहीं किया।




























