स्वयं को देखती हु तो मुझमें अकेलेपन का डर है और यही डर कभी कभी मुझमें हावी हो जाती है और…
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Saraswati dhankar
स्वयं को देखती हु तो मुझमें अकेलेपन का डर है और यही डर कभी कभी मुझमें हावी हो जाती है और मुझे सही काम से रोकती है।
मुझे मेरे डर से बाहर आ ना होगा तभी मेरी दिशा बदल सकती है। मानसिक और व्यवहारिक तौर पर भी।