कीचड़ का सानिध्य तुम्हारे रोम-रोम से महकेगा || आचार्य प्रशांत,संत कबीर पर(2015)
आचार्य प्रशांत
धैर्य से माँगोगे, सहज मिलेगा || आचार्य प्रशांत, गुरु कबीर पर (2015)
सबसे श्रेष्ठ कौन? || आचार्य प्रशांत (2017)
कैसे छुटाएँ मन के दाग? || आचार्य प्रशांत, संत कबीर पर (2018)
डर और डर में अंतर होता है || आचार्य प्रशांत (2019)
न जानने में बड़ा जानना है || आचार्य प्रशांत (2016)
झूठी आज़ादी, झूठी वैयक्तिकता || आचार्य प्रशांत, युवाओं के संग (2014)
तुम्हारी बारी भी जल्द आएगी || आचार्य प्रशांत, कबीर साहब पर (2018)
परिवार में साथ कैसे रहें? || आचार्य प्रशांत (2017)
दुनिया से पाने की लालसा में तुम वास्तविक से दूर हो जाते हो || आचार्य प्रशांत (2014)
त्याग और ग्रहण का अहंकार से संबंध || आचार्य प्रशांत (2017)
हमारे रिश्तों की वास्तविकता || आचार्य प्रशांत, कबीर पर (2015)
जीवन में दुःख क्यों? || आचार्य प्रशांत, युवाओं के संग (2013)
कोई नया सत्य नहीं होता || आचार्य प्रशांत (2019)
ऊँचाई से गिरना और ज़्यादा चोट देता है || आचार्य प्रशांत (2017)
न समर्थन, न विरोध || आचार्य प्रशांत, संत कबीर पर (2014)
झूठ का गहरा अस्वीकार ही सत्य का स्वीकार है || आचार्य प्रशांत, गुरु नानक पर (2014)
बुद्धत्व और शिष्यत्व || आचार्य प्रशांत, ज़ेन पर (2018)
आँखों का महत्व || आचार्य प्रशांत (2014)
ध्यान से पढ़ना और आत्म-जिज्ञासा || आचार्य प्रशांत (2013)
जहाँ नहीं आग वहाँ जलन और ज्वाला,शीतल हो गया राख हो जाने वाला || आचार्य प्रशांत, संत रहीम पर (2014)
न ज्ञान माँगो न विद्या, गुरु से लो गुरु की गुरुता || आचार्य प्रशांत (2015)
संसार पर अतीत का अँधेरा क्यों? || आचार्य प्रशांत, युवाओं के संग (2013)
विस्मृति ही दूरी है || आचार्य प्रशांत, गुरु नानक पर (2014)
आत्म-जिज्ञासा क्या है? || आचार्य प्रशांत (2014)
वो सबको बुलाता है || आचार्य प्रशांत (2014)
शिष्य का क्या दायित्व? || आचार्य प्रशांत, गुरु कबीर पर (2013)
तुम्हें ज़िन्दगी की पहचान होती तो ऐसे होते तुम? || आचार्य प्रशांत, संत कबीर पर(2014)
दूसरों को कैसे समझाएं कि हमने सत्संग में क्या पाया? || आचार्य प्रशांत (2018)
इच्छा जिसे तलाश रही है वो इच्छा द्वारा मिल ही नहीं सकता || आचार्य प्रशांत, संत कबीर पर (2014)