
❤️🔥 Everyone must read this book. A systematic, fact-checked book about climate change. After reading this, you won’t be left with any doubt or misinformation about climate change. Having the right information is of utmost importance. So here we go with the book. The culprit is our inner restlessness, which mistakenly finds relief by consuming more and more outwardly. And now we have crossed ...

यह किताब अन्य किताबो की तरह कोई सिर्फ़ रटा रटाया जलवायु परिवर्तन का सोल्यूशन नहीं देती है बल्की मुद्दे को और गहराई से समझाकर और असली पक्ष को सामने लेकर आती है और इस पुरे मुद्दे पर एक अलग दृष्टिकोण पेश करती है। हमे आमतौर पर लगता है कि जलवायु परिवर्तन सिर्फ़ एक बाहरी परिस्थितियों के बदलने का परिणाम है। लेकिन यह किताब एक ऐसा दृष्टिकोण सामने रखती है जो सच्चा सही और सटीक है। 👁️ वह दृष्टिकोण ...

क्लाइमेट चेंज सिर्फ पर्यावरण की समस्याओं पर आधारित एक सामान्य किताब नहीं है, बल्कि यह इस मुद्दे को एक गहरे और अलग दृष्टिकोण से देखने के लिए प्रेरित करती है। इस किताब की सबसे खास बात यह है कि यह बाहरी पर्यावरणीय संकट को हमारे अंदर की स्थिति से जोड़कर देखती है। लेखक बताते हैं कि प्रकृति में जो असंतुलन दिख रहा है, वह कहीं न कहीं हमारी सोच, इच्छाओं और जीवनशैली का ही परिणाम है। किताब में प्रदूषण, वनों ...

आज के समय में क्लाइमेट चेंज मानवता के सामने सबसे बड़ी चुनौती है। अत्यधिक बढ़ता तापमान, बिगड़ता वर्षा चक्र, अनियमित हवाएँ व तूफान, विलुप्त होती प्रजातियाँ, पिघलते ग्लेशियरों के कारण बढ़ता समुद्र जलस्तर बढ़ता ही जा रहा है ,लेकिन हम झुन्नुओं को अभी भी नींद में सोते रहना है आँखों पर कामनाओं की पट्टी चढ़ी हुई है, "आग दहके पर धुएँ से, प्रकाश ढँक जाता है काम भरा जब आँख में, सच नज़र नहीं आता है" ~धन्...

बिल्कुल इस किताब किन्सभी को पढ़ना चाहिए ,मेरे हिसाब से तोह इस किताब को आचार्य जी ने बहुत ही सारपूर्ण और सरल शब्दों में बनाया है इस किताब को स्कूल के बच्चों को अभी से ही बताते हुए चलना चाहिए ताकि उन्हें समझ आए कि सरकार द्वारा तैयार पाठ्यक्रम में क्या क्या नहीं शामिल किया गया है , क्लाइमेट चेंज पुस्तक को फक्र मुझे बहुत सारी ज्ञान की बातें जानने को मिली बहुत सारे फैक्ट्स मैने सुना ही नहीं था o जाना ...

सबसे पहले मैं आचार्य जी और कम्युनिटी की शुक्रगुज़ार हूँ । इस पुस्तक से स्पष्टता मिली है कि जलवायु माने क्या ? हमारे आस - पास क्या हो रहा है? क्यों हो रहा है? कहाँ से आ रहा है ? और जलवायु सिर्फ कोई हमसे अलग बाहर कोई व्यवस्था नहीं वो हम ही है । ये बात पहले इन्फोर्मेटिव भी नहीं थी लेकिन अब ये बात भीतर तक घर कर गई है और इस लिए हो पाया क्योंकि इससे पहले गीता आई, कृष्ण आए । और इसी की पहल की है विगन था...

I have read the whole book. I could have come to know about the environment around us and it's importance from this book. Acharya Ji 's way of explaining the things is logical, thoroughly right and touches the heart truly. #करूणा कर्तव्य

मैंने इस पुस्तक को पढ़कर ये जाना कि हम चाहे जितने भी प्रयास कर लें क्लाइमेट चेंज को रोकने के लिए। पर ये सारे प्रयास दो कौड़ी के भी नहीं जब तक कि हम स्वयं को नहीं जानते हैं। क्लाइमेट चेंज हमारे अज्ञान का ही दूसरा नाम और रूप है।इसे सुधारें के लिए हमें स्वयं के झूठ को जानना होगा।जब तक हम इस भ्रम में हैं कि हम स्वस्थ है तब तक हम जो भी करें अंततः नुकसान ही होगा–हमारा भी पृथ्वी का भी। इसका एक ही समाधा...

🔥 "ऑपरेशन 2030" — मानवता का महासंघर्ष 🚨 खाली खबर ही नहीं, भयानक विनाश को रोकने की आखिरी गुहार भी है — ⚠️ इन आंकड़ों पर ध्यान दीजिए, ये बेहद चिंताजनक स्थिति की ओर इशारा करते हैं 👇 💀 2024 में भारत ने साल के 366 में से 322 दिन 'चरम मौसम में घटनाओं' (Extreme weather events) का सामना किया! ☠️ यूएन इंटरगवर्नमेंटल पैनल ऑन क्लाइमेट चेंज का कहना है कि वार्मिंग को 1.5 डिग्री सेल्सियस तक सीमित करने क...

आज के समय में क्लाइमेट चेंज मानवता के सामने सबसे बड़ी चुनौती है। अत्यधिक बढ़ता तापमान, बिगड़ता वर्षा चक्र, अनियमित हवाएं व तूफान, विलुप्त होती प्रजातियां, पिघलते ग्लेशियरों के कारण बढ़ता समुद्र जलस्तर यह सब क्लाइमेट चेंज के कुछ प्रभाव है। हम सिक्स्थ मार्क्स एक्सटेंशन फेज में प्रवेश कर चुके हैं। प्रजातियों की विलुप्ति दर आज साधारण दर से बढ़कर हजार गुना हो गई हैं। हम त्वरित गति से अपने ही विनाश की...
नमस्कार ये बुक लंबे समय से पढ़ने की कोशिश में थी लगभग दो महीने पहले ऑर्डर करकर ऑनलाइन मंगवाया था पर बड़ी बहन ने स्त्री मंगवाई थी तो वो पढ़ने की अधिक इच्छा हुई स्त्री फिर क्लाइमेट चेंज लगातार दो पुस्तकों को पढ़ने के बाद पूरा दृष्टिकोण ही बदल गया। जीवन में बाकी चीजों की उपयोगीता जो कि हमें केवल भोग के ओर ले जाते थे वो एकदम ही गायब हो गई सिर्फ मनुष्य ही नहीं सभी जीव है जिनकी मुक्ति बहुत आवश्यक है...

आचार्य जी ने क्लाइमेट चेंज का प्रमुख कारण बताया है और बखूबी बताया है और ये भी बताया है कि हम जो ये छोटी मोटी चीजें करते रहते हैं क्लाइमेट चेंज को रोकने के लिए उससे कुछ नहीं होने वाला है, समाधान तो तब होगा जब हम सबसे बड़ी समस्या को सुलझाएंगे, सबसे बड़ी समस्या है अज्ञानता, अज्ञानता से उत्पन्न होती है अपूर्णता, और अपूर्णता से उत्पन्न होती है पूर्णता पाने कि अंधी चाहत, और अंधी चाहत से उत्पन्न होता है...

हमारी भोगने की वृति ने आज हमे विनाश के इतने करीब लाकर खड़ा कर दिया है, करतूत अमीरों की और भुगतना हमे पड़ेगा, हम इतने बेहोश हैं जिन्होंने हमे तबाही के इतने निकट लाकर खड़ा कर दिया है उन्हें ही हम अपने रोल मॉडल बना रहे हैं, आज आचार्य जी हमे सही ज्ञान तक लाकर जागरूकता फैला रहे हैं, सुनिए आचार्य जी की ऑडियो बुक जिससे हम इस विनाश को रोक सके और जीवन को बेहतर करें

"The Earth is not sick; the earth is adjusting itself to eliminate man." मैं क्लाइमेट चेंज मानव के योगदान के प्रत्येक पहलुओं को अच्छे तरीके से समझना चाहती हूं और अभी आचार्य प्रशांत जी के समानांतर इतना ऑथेंटिक और फैक्चुअल कोई नहीं बात कर रहा है इसलिए ये मेरा सबसे उत्कृष्ट चुनाव है मेरे लिए सबसे ज्यादा खुशी की बात है कि इस ऑडियो बुक में आचार्य जी के आवाज में उपलब्ध हैं अब तो समझना ही होगा ए मेर...

हम अपनी कामनाओं की पूर्ति के लिये पृथ्वी का उपभोग कर रहे हैं । हमें लगता है कि इससे हमे संतुष्टि मिल जायेगी । संतुष्टि तो नहीं मिलती है और हमारी इसके प्रति भोग वृत्ति और बढ़ जाती है । पृथ्वी में जो बदलाव आ रहे है वो ही हमारे विनाश के कारण है। ये बदलाव मनुष्य के अज्ञान के कारण ही आ रहे हैं ।इसका एक ही समाधान है ज्ञान । वो ज्ञान सिर्फ गीता से ही मिलेगा ।

कैसे हम इंसानो ने अपनी भोगवादी मानसिकता और वृत्तियों के चलते स्वयं को ही नहीं बल्कि सम्पूर्ण पृथ्वी और उनकी समस्त संतानों (जानवर, पक्षी, जलचर एवं अन्य) को विनाश और भीषण तबाही के करीब ला दिया इसका हम अनुमान भी नहीं लगाना चाहते। कल कुछ 20 - 30 सालों में धरती वैसी नहीं रहेगी जैसी आज है, आज से भी कई गुना बुरी हालत में पहुंच जाएगी। कुछ पूंजीपतियों के बड़े सपनों ने हमारी धरती माँ को आज पूरा जर्ज़र बना दिय...

हमें अपनी कामनाओं की तरफ देखना होगा। जो हमारी हैं हीं नहीं हम उन्हें हीं पूरा करने में लगे हुए होते हैं। हमने किसको अपने आदर्श से बना रखे हैं, उन्हें भी देखना होगा। दुनिया के शीर्ष 1% लोगों ने पृथ्वी को सर्वनाश की जगह ला कर छोड़ दिया हैं। इसका सही समाधान आचार्यजी ने बहुत अच्छे से समझाया हैं 🙏

इस बुक को पढ़कर ही मैं बहुत गहराई से देख पायी कि कैसे हम अपने भोग की लालसा में पूरी पृथ्वी बर्बाद कर रहे है और मेरा पहला कदम वेगन बनना हुआ बड़ी सहजता से मैंने डेरी प्रोडक्ट का use करना बन्द किया माँस तो पहले से नही खाती थी पर milk भी कितनी बर्बरता से जानवरो का शोषण करके आता है जानने में मदद मिली ये बुक हर एक को पढ़नी चाहिए ताकि हम समझ पाए की जलवायु परिवर्तंन हमारी ही अंधाधुंध भोग का नतीजा है और आ...

क्लाइमेट चेंज की विषय पर तो परिवेश विज्ञान में षष्ठ ६ श्रेणी में ही थोड़ा बहुत पढ़ा था प्राकृति कैसे विनाश हो रहा है इस विषय के ऊपर भी तमाम किताबों और आर्टिकल्स टीवी चैनल स इत्यादि में देखा था। लेकिन हमारी इंसान की भोग की वृत्ति हे क्लाइमेट चेंज की पीछे मूल कारण है इस बात का संज्ञान नहीं था। आचार्य इंदु जी द्वारा लिखे गए इस पुस्तक को पढ़ने के बाद मुझे समझ में आया किस तरह हमारे भीतरी रिक्तता ही बा...